भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी भोपाल में जब होम आइसोलेशन का उल्लंघन किया जा रहा हो, तो अन्‍य जगह क्‍या आलम होगा, इसकी आप कल्‍पना कर सकते हैं। होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए नियम यह है कि वे घर में ही एक अलग कमरे में रहते हुए अपना इलाज कराएं। यहां तक कि उन्‍हें परिजनों से भी नहीं मिलना चाहिए। लेकिन भोपाल शहर में होम आइसोलेशन के उल्‍लंघन के मामले सामने आ रहे हैं। कोई सब्जी लेने जा रहा है तो कोई मंदिर में भगवान को मनाने। नवदुनिया ने विगत दिनों इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। इसके चलते प्रशासन सोमवार को हरकत में आया। सोमवार को होम आइसोलेशन के मरीजों के घरों में प्रशासन ने तीन टीम बनाकर दबिश दी। इस दौरान डीआइजी बंगला क्षेत्र में होम आइसोलेशन में इलाज करा रहा एक कोरोना संक्रमित मरीज घर में नहीं मिला। परिवार वालों ने बताया कि मरीज मंदिर गया है। जानकारी लेकर टीम उस मंदिर में पहुंची। यहां कोरोना पॉजिटिव मरीज को दर्शन करते हुए पाया गया। उसे तत्काल टीम ने घर रवाना होने के निर्देश दिए।

तहसीलदार, गोविंदपुरा मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि एडीएम आशीष वशिष्ठ से किसी व्यक्ति ने शिकायत की थी। होम आइसोलेशन के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह राजधानी में पहला मामला है, जब प्रशासन ने होम आइसोलेशन के नियम का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई की है। दोबारा नियम का उल्लंघन करने पर मरीज के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। बता दें कि शहर में कम लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रखने की अनुमति दी गई है। फ‍िलहाल शहर में करीब 60 फीसदी सक्रिय संक्रमित होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं।

तीन शादियों में गाइडलाइन का नहीं हो रहा था पालन

शहर में तीन स्थानों पर शादी समारोह के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन व स्वच्छता संबंधित नियमों का पालन नहीं करना लोगों को महंगा साबित हुआ। नगर निगम अमले ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर छह हजार रुपये का जुर्माना वसूला। इस दौरान निगम अमले के साथ विवाद की स्थिति भी बनी। तीनों कार्रवाई जोन क्रमांक 14 में की गईं। अधिकारियों ने बताया कि अब समारोह व कार्यक्रमों में भी नगर निगम के अमले द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी (एचओ) राकेश शर्मा ने बताया कि वार्ड क्रमांक 57 स्थित शक्ति नगर में भारत टेंट कैटर्स द्वारा एक शादी समारोह में भोजन बनाया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पाया कि भोजन बनाने में लगे कर्मचारियों द्वारा मास्क नहीं लगाया गया था। बर्तन धुलाई में निकला गंदा पानी

भी सड़कों पर बहाया जा रहा था। इस पर अमले ने चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति भी बनी, लेकिन निगम अमले की सख्ती के आगे कैटरर्स को मानना ही पड़ा।

Posted By: Ravindra Soni

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