Corona Vaccination in Bhopal: भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कुटुंब न्यायालय की परामर्शदाता (काउंसलर) के पास पति-पत्नी का यह विवाद सामने आया है कि कोवैक्सीन लगवाएं या कोविशील्ड। पति ने कोवैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, लेकिन पत्नी ने उस वक्त टीका नहीं लगवाया। बाद में जब पत्नी तैयार हुई तो उसे कोविशील्ड टीका लग रह था। पति का कहना था पत्नी को वही टीका लगवाना है जो प्रधानमंत्री ने लगवाया है। इसे लेकर दोनों में तनाव हो गया।

परामर्शदाता ने दंपती को बताया कोवैक्सीन व कोविशील्ड में से कोई भी टीका लगवाया जा सकता है, इसके बाद दंपती के बीच बमुश्किल सुलह हुई। अब पत्नी कोई भी टीका लगवाने के लिए तैयार है। मामला कोलार क्षेत्र के 44 वर्षीय पति और 40 वर्षीय पत्नी का है। इनका पूरा परिवार चार माह पहले कोरोना पाजिटिव हो गया था। दंपती ने वैक्सीन के लिए स्लाट बुक किए।

पति ने पहले टीका लगवाया तो कोवैक्सीन लगा, लेकिन पत्नी ने उस समय टीका नहीं लगवाया। जब बाद में पत्नी तैयार हुई तो उन्हें कोविशील्ड लग रहा था। इस पर पति नाराज हो गया। उसका कहना था उसके साथ ही टीका लगवा लेतीं तो कोवैक्सीन लगती। काउंसिलिंग के दौरान पति ने कहा, देश के प्रधानमंत्री ने कोवैक्सीन लगवाई है, इसलिए वह ज्यादा सुरक्षित है। दंपति में विवाद के बाद बातचीत बंद हो गई। पत्नी ने परामर्शदाता से संपर्क किया। लगातार पांच बार काउंसिलिंग के बाद दंपती के बीच सुलह हुई।

वैक्सीन लगवाने पत्नी नहीं तैयार

ऐसा ही एक और मामला अवधपुरी के 70 वर्षीय दंपती का है। पति ने परामर्शदाता से पत्नी को समझाने की गुहार लगाई। पति ने वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, लेकिन पत्नी लगवाने को तैयार नहीं। इस कारण वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पत्नी को काफी समझाया, लेकिन वह राजी नहीं हुई। इस मामले में भी दंपती की कई बार काउंसिलिंग की गई। अब जाकर दोनों में सुलह हुई है। अब पत्नी टीका लगवाने के लिए तैयार हैं।

दोनों मामले में दंपती के बीच टीकाकरण से जुड़ी अफवाहों के चलते विवाद बढ़ा है। काउंसिलिंग कर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया गया। - शैल अवस्थी, काउंसलर, कुटुंब न्यायालय, भोपाल

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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