भोपाल, जबलपुर। Corona virus effect in Madhya Pradesh मध्‍य प्रदेश में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार से ही सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी ही प्रतिदिन उपस्थित रहेंगे।

एक कर्मचारी यदि आज आया तो अगले दिन वह ड्यूटी पर नहीं आएगा बल्कि उसके स्थान पर दूसरा कर्मचारी आएगा। इस तरह प्रतीफीन 50 फीसद कर्मचारी ही ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। जिस कर्मचारी का ड्यूटी पर आने का दिन नहीं होगा, वह मुख्यालय नहीं छोड़ेगा और मोबाइल फोन पर सक्रिय रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यालय और मैदानी अफसरों को इसके लिए आदेश जारी कर दिया है।

प्रदेश के सभी नेशनल पार्क बंद, नहीं होगी सफारी

जबलपुर । प्रदेश के सभी नेशनल पार्क को भी करोना के खतरे की वजह से बंद करने का आदेश दे दिया गया है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ मध्य प्रदेश ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश गुरुवार की दोपहर जारी किया गया है लेकिन आदेश जारी होने तक शाम की सफारी के लिए पर्यटक पार्क में प्रवेश कर चुके थे।

उमरिया के बांधवगढ़, सिवनी का पेंच नेशनल पार्क, मंडला का कान्हा नेशनल पार्क, पन्ना का पन्ना टाइगर रिजर्व, सीधी का संजय दुबरी पार्क समेत प्रदेश के सभी पार्क शामिल हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर विंसेट रहीम ने बताया कि शुक्रवार से पार्क में सफारी नहीं होगी। फिलहाल यह आदेश 31 मार्च तक के लिए है और आवश्यकता होने पर पार्क को ज्यादा समय तक भी बंद रखा जा सकता है। फील्ड डायरेक्टर विंसेट रहीम ने कहा कि ताला पहुंच चुके पर्यटकों को भी पार्क बंद होने की सूचना दी जा रही है।

फंसे हुए हैं पर्यटक

कई पर्यटक जो बिना बुकिंग के ताला आ गए थे वे करंट टिकट की प्रतीक्षा में ताला में ही रुके हुए थे और अब ऐसे पर्यटकों को बिना सफारी किए ही वापस लौटना होगा। वहीं दूसरी तरफ यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कुछ विदेशी पर्यटक भी ताला में पिछले कई दिनों से इसलिए रूके हुए थे क्योंकि उन्हें वापसी की अनुमति नहीं मिल रही है। अब पार्क बंद हो जाने के बाद यहां फंसे हुए पर्यटकों की सफारी की उम्मीद खत्म हो गई है और उन्हें निराश ही वापस लौटना होगा।

लगातार हो रही थी स्क्रीनिंग

बांधवगढ़ आने वाले पर्यटकों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही थी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने यहां विशेषज्ञों को तैनात किया था। पर्यटकों की जांच न सिर्फ टिकट घर में की जा रही थी बल्कि सभी गेटों पर भी पर्यटकों की जांच हो रही थी। इतना ही नहीं विदेशी पर्यटकों के पासपोर्ट भी जांचे जा रहे थे और यह देखा जा रहा था कि यह पर्यटक उन देशों से तो नहीं आए हैं जहां कोरोना का कहर बरपा हुआ है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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