भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। नागरिकों को क्रमानुसार इसका लाभ मिलेगा। टीकाकरण के प्रथम चरण में करीब सवा चार लाख स्वास्थ्य सुरक्षा में जुटे कर्मचारियों को को टीका लगाया जाएगा। कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया इसके बारे में भ्रामक जानकारी या अफवाहों को न पनपने दें और इस महाभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। 16 जनवरी को पहला टीका किसी सफाई कर्मचारी को लगाने का प्रयास है। यह सफाईकर्मियों की सेवाओं का सम्मान भी होगा, जो कोरोना के संकटकाल में उन्होंने प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री गुरुवार को टीकाकरण के संबंध में कलेक्टरों और कमिश्नरों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये चर्चा कर रहे थे। चौहान ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण का कार्य 16 जनवरी को सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदर्शी हैं। उन्होंने पहले ही संकट को पहचान लिया था। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं कीं और लोगों को वायरस से बचाने का कार्य किया। समय रहते लॉकडाउन होने से आवश्यक व्यवस्थाएं करने का समय भी मिला।

महाभियान के विभिन्न् चरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन के दो डोज (मात्रा) लगेंगे। पहला डोज लगने के 28 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा। इसके 14 दिन बाद शरीर में एंटी बॉडी का निर्माण होगा। टीका लगने के बाद तत्काल प्रभाव नहीं होता है। प्रदेश में जिलावार वैक्सीन का आवंटन किया गया है। शिकायत और सुझाव के लिए व्यवस्थाएं की गईं हैं। शासकीय अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन लगाने के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का प्रोटोकॉल तय किया गया है। वैक्सीन उन्हें ही पहले लगेगी, जिनका क्रम है। इनमें फ्रंट लाइन वर्कर्स (पुलिसकर्मी, राजस्व अमला भी शामिल) का क्रम पहले है। जिस क्रम में पंजीयन हुआ है, टीके भी उसी क्रम में लगेंगे। इस महाभियान में पहले किसी को टीका लगाने के लिए सिफारिश मान्य नहीं होगी।

धर्मगुरु, समाज सेवी करें सहयोग

चौहान ने आह्वान किया कि सभी धर्मगुरु, समाजसेवी वैक्सीन के संबंध में आमजन को जानकारी देकर सहयोग करें। वैक्सीन के बाद किसी को छोटी-मोटी एलर्जी हो तो घबराएं नहीं। व्यापक जनहित के इस कार्य में नकारात्मक संदेश न जाए। प्रामाणिक जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय रहेगा।

परीक्षण के बाद हुआ है वैक्सीन का चयन

प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि भारत में बनाई गई वैक्सीन को देश-विदेश की उत्कृष्ट वैज्ञानिक संस्थाओं ने गहन परीक्षण के बाद स्वीकृत किया है। अब दूसरे देशों से वैक्सीन आयात करने की आवश्यकता नहीं है। प्रथम चरण में स्वास्थ्य-सुरक्षा कर्मचारियों, द्वितीय चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स और तृतीय चरण में पचास वर्ष की आयु से अधिक सभी नागरिकों तथा ऐसे नागरिकों जो पचास वर्ष से कम आयु के हैं, परंतु मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त हैं उन्हें टीका लगाया जाएगा। वर्तमान में कोविशील्ड के पांच लाख डोज प्रदेश को मिले हैं। अगले चार सप्ताह में 2.25 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स को ये डोज लगाए जाएंगे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस