Coronavirus Bhopal News : भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। हमीदिया अस्पताल से 26 मई को चिरायु अस्पताल में शिफ्ट की गई एक महिल की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। एसीएस स्वास्थ्य मो. सुलेमान ने इस मामले में जांच बैठा दी है। एम्स की तीन डॉक्टरों की टीम गुरुवार को जांच के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची। टीम ने करीब छह घंटे तक यहां डॉक्टर, नर्स व अन्य स्टाफ के बयान लिए।

इस पर सभी ने यही कहा कि मरीज को हमीदिया अस्पताल से राजनीतिक दबाव के चलते चिरायु में शिफ्ट किया गया था। मरीज की हालत हमीदिया में ठीक थी। उसने खाना भी खाया था। एक भाजपा नेता के दबाव के चलते उसे चिरायु शिफ्ट कराना पड़ा।

हमीदिया के डॉक्टर इस बात से नाराज हैं कि जब मरीज की मौत चिरायु अस्पताल में हुुई है तो वहां की जांच कराने की जगह हमीदिया अस्पताल की जांच क्यों कराई जा रही है। बता दें कि इस टीम ने बयान लेने के साथ ही शिफ्टिंग को लेकर भाजपा नेता व हमीदिया अस्पताल के अधिकारियों और डॉक्टारों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा भी लिया है। जांच करने वाली टीम में डॉ. रजनीश जोशी, डॉ.शशांक पोरवाल व डॉ. अल्केश खुराना शामिल थे।

फाइल पर दस्तखत कराने गए प्रोफेसर पर भड़कीं डीन

जीएमसी की डीन डॉ. अरुणा कुमार फिर विवादों में आ गई हैं। बताया जा रहा है पीजी सीट बढ़ाने के संबंध में एक फाइल लेकर डीन के पास पहुंचे हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) आशीष गोहिया पर वह भड़क गईं। डॉ. गोहिया ने उनसे कहा कि 31 मई आवेदन की आखिरी तारीख है। जल्दी फाइल कर दीजिए।

इस पर डीन ने कहा कि यह कोई इमरजेंसी नहीं है। बेकार की बात मत करो। दोबारा अनुरोध करने पर भी डीन ने यही कहा तो डॉ. गोहिया वहां से चले आए । इस दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव भी वहां मौजूद थे। डॉ. गोहिया ने इसकी शिकायत मेडिकल टीचर्स एसोसिशन से की है। इस संबंध में डॉ. अरुणा कुमार ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि बाद में फाइल देखते हैं।

पीपीई किट पहनकर बेहोश हो रहे डॉक्टर, जूडा सीएम से लगाई गुहार

भोपाल गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने भी स्वास्थ्यकर्मियों की दी जा रही पीपीई किट की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। स्टेट जूडा के प्रेसीडेंट डॉ. सचेत सक्सेना ने बताया इस तरह की किट बदलने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन की तरह किट मिल रही है, जिससे स्वास्थ्यकर्मी किट पहनकर बीमार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि स्वास्थ्यकर्मियों से 10 दिन तक कोरोना वार्ड में ड्यूटी कराने के बाद 14 दिन तक होटल में क्वारंटाइन रखने की सुविधा सरकार दे। बता दें कि हफ्ते भर पहले यह व्यवस्था बंद कर दी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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