भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। Coronavirus in MP : आम लोगों में यह धारणा बन गई है कि कोरोना सिर्फ उन्हीं के लिए खतरनाक होता है, जिन्हें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी कोई बीमारी है। हकीकत में ऐसा नहीं है। मध्य प्रदेश में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों में 41 फीसद ऐसे थे, जिन्हें कोरोना के अलावा और कोई बीमारी नहीं थी। जबकि, 59 फीसद मृतकों में कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियां भी थीं। अप्रैल से लेकर 27 अगस्त तक प्रदेश में कोरोना से 1282 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की वजह व उम्र के लिहाज से विश्लेषण किया तो यह जानकारी सामने आई है। यह भी पता चला है कि कोरोना से जितने मरीजों की मौत हुई है, उनमें 58 फीसद की उम्र 65 साल से ऊपर थी। 31 फीसद मरीज 45 से 64 साल वाले थे।

कोरोना के साथ थीं दूसरी बीमारियां

दूसरी बीमारियां नहीं थीं- 41%

कोरोना के साथ दूसरी बीमारियां भी थीं- 59 %

उम्र वर्ग - मृतकों का प्रतिशत

65 साल या अधिक 58%

45 से 64 साल 31 %

35 से 44 7 %

35 से कम 4 %

मौत के पहले अस्पताल में रहने का समय

समय - प्रतिशत

एक दिन - 38%

एक दिन से एक सप्ताह - 38%

एक सप्ताह से अधिक - 24%

मौत के पहले कितने फीसद मरीजों को रेफर किया गया

कोई रेफर नहीं - 54 %

एक बार रेफर किया गया - 38%

एक से ज्यादा बार रेफर - 8%

अन्य राज्यों के मुकाबले मप्र की स्थिति

जांच प्रति 10 लाख आबादी पर

राज्य - प्रति 10 लाख आबादी पर जांच

तमिलनाडु - 58423

महाराष्ट्र - 31095

गुजरात - 28994

राजस्थान - 28427

उत्तर प्रदेश - 21965

पश्चिम बंगाल - 17276

मध्य प्रदेश - 15467

पूरे देश - 28942

स्वस्थ होने की दर (प्रतिशत में)

तमिलनाडु - 85

गुजरात - 80

राजस्थान - 79.8

पश्चिम बंगाल - 79.8

मध्य प्रदेश - 76.4

उत्तर प्रदेश - 73.2

पूरे देश में - 76.2

संक्रमण की दर (प्रतिशत में)

महाराष्ट्र - 18.92

तमिलनाडु - 8.98

पश्चिम बंगाल - 8.83

गुजरात - 4.57

मध्य प्रदेश - 5.0

उत्तर प्रदेश - 4.11

पूरे देश में - 8.58

(संक्रमण दर से मतलब कुल सैंपल में पॉजिटिव का प्रतिशत है। सभी आंकड़े 27 अगस्त तक की स्थिति के हैं।)

मध्य प्रदेश में अब तक कुल संक्रमित -73574

अब तक लिए गए सैंपल - 1519014

अब तक मौत - 1572

इलाजरत मरीज - 16115

यह लोगों को गलतफहमी है कि जिन्हें पहले से कोई बीमारी है, उन्हें ही कोरोना शिकार बनाता है। यह वायरस बहुत ही संक्रामक है। किस मरीज की हालत संक्रमण से बिगड़ जाएगी यह भी नहीं कहा जा सकता, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। 30 से कम उम्र के लोगों की भी इस बीमारी से मौत हो रही है। - डॉ. पीएन अग्रवाल, छाती व श्वास रोग विशेषज्ञ

Posted By: Prashant Pandey

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