Coronavirus Madhya Pradesh News: भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में इसी महीने 7796 लोगों में किए गए एंटीबॉडी सर्वे (सीरो सर्विलांस) में 18 फीसद लोग पॉजिटिव मिले हैं। यानी, वह कभी न कभी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। हल्के या कोई लक्षण नहीं उभरने से उन्हें संक्रमण का पता नहीं चला। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि 60 से 70 फीसद लोगों के संक्रमित होने (एंटीबॉडी बनने) के बाद ही कोरोना संक्रमण ढलान पर आएगा। 20 से 50 फीसद लोगों के संक्रमित होने तक कोरोना तेजी से फैलेगा।

ऐसे में लोगों को अब कहीं ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। अब जिम्मेदारी लोगों की है कि वह खुद का बचाव करें, मास्क पहनें और दूसरों से कम से कम छह फीट की दूरी रखें। लापरवाही की तो बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अस्पतालों में बेड मिलने में भारी दिक्कत हो सकती है। मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ सकता है।

भारी पड़ेगी लापरवाही

जब तक 60 फीसद लोग जाने-अनजाने कोरोना से संक्रमित नहीं होंगे, तब तक बीमारी बढ़ती जाएगी। लोग अपना बचाव करेंगे तो 60 फीसद लोगों के संक्रमित होने में तीन-चार साल भी लग सकते हैं। मास्क नहीं लगाया और सुरक्षित शारीरिक दूरी नहीं रखी तो एक-दो साल में यह अवस्था आ जाएगी। यह भी नहीं कह सकते कि वायरस का स्वरूप क्या होगा? कितने लोग बिना लक्षण वाले होंगे और कितने गंभीर होंगे? ऐसे में आम लोगों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। कई लोग यह सोचकर बहुत लापरवाही कर रहे हैं कि कोरोना बहुत साधारण बीमारी है, उनकी यही सोच बहुत भारी पड़ने वाला है।

- पद्मश्री, डॉ. केके अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आइएमए

तेजी से मरीज बढ़े तो संसाधन कम पड़ जाएंगे

अभी सिर्फ 18 फीसद लोगों में कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी मिली है। यानी, यह कहना बहुत कठिन है कि कब तक यह बीमारी इसी तरह से बढ़ती रहेगी। 60 से 70 फीसद लोगों में इस बीमारी के प्रति जब तक प्रतिरोधक क्षमता नहीं आएगी, मरीजों की संख्या कम नहीं होगी। लोग अपना व दूसरों का बचाव करेंगे तो भले ही बीमारी चार-पांच साल रहे, लेकिन अचानक मरीज नहीं बढ़ेंगे। इससे अस्पतालों में भी संसाधन कम नहीं पड़ेंगे। मौतों का आंकड़ा भी कम हो जाएगा। मरीज तेजी से बढ़ेंगे तो संसाधन कम पड़ेंगे। वैक्सीन आने में करीब 10 महीने लग सकते हैं, इसलिए अभी मास्क को ही वैक्सीन मानें।

- डॉ. लोकेन्द्र दवे राज्य सलाहकार, कोविड-19

हो चुका है सामुदायिक संक्रमण

18 फीसद लोगों के संक्रमित पाए जाने का मतलब यह है कि कोरोना का सामुदायिक संक्रमण हो चुका है, भले ही सरकार की तरफ से यह अवस्था घोषित नहीं की गई है। हालांकि, 18 फीसद के लिहाज से भोपाल में करीब पांच लाख लोग संक्रमित हो चुके होंगे। यहां अभी तक 388 लोगों की मौत हुई है। इस हिसाब से मौत की दर न के बराबर है। 20 से 50 फीसद लोगों के संक्रमित होने तक संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज होगी। ऐसे में लोगों को संभलकर रहने की जरूरत है। एक सलाह यह है कि जो लोग कारोना की जांच में पॉजिटिव आ चुके हैं उन्हें अपनी एंटीबॉडी की जांच करानी चाहिए।

- डॉ. अपूर्व त्रिपाठी एचओडी, क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी, आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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