Coronavirus Vaccine : शशिकांत तिवारी, भोपाल। कोरोना को मात देने के लिए एम्स भोपाल में वैक्सीन (टीका) तैयार करने की रिसर्च शुरू होने जा रही है। आईआईटी इंदौर भी इस रिसर्च में शामिल होगा। रिसर्च की तकनीक देने में आईआईटी मदद करेगा। एक साल में शोध के नतीजे सामने आ जाएंगे। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस रिसर्च के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। राशि मिलने के बाद अगले महीने से शोध शुरू होने की उम्मीद है। यह मध्य प्रदेश का पहला संस्थान है जहां वैक्सीन पर रिसर्च की जा रही है।

अभा आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के डायरेक्टर प्रो. सरमन सिंह ने बताया कि मेडिसिन समेत विभिन्न विभागों की टीम वैक्सीन पर रिसर्च करेगी। इसमें तकनीकी मदद आईआईटी इंदौर से ली जाएगी। उन्होंने बताया वैक्सीन तैयार करने के बाद विभिन्न चरणों में ट्रायल का काम शुरू किया जाएगा। सफलता मिली तो यह देश-दुनिया के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ ही देश-दुनिया के बड़े संस्थानों में इस वायरस का इंफेक्शन रोकने के लिए वैक्सीन बनाने पर रिसर्च चल रही है।

कोरोना से ठीक होने के बाद दूसरी बीमारियां तो नहीं हो रहीं

इस बीच, कोरोना से स्वस्थ होने के बाद भी मरीजों को कोई बीमारी तो नहीं हो रही है। इसके लिए गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल शोध करने जा रहा है। ऐसे 100 लोगों को शोध में शामिल किया जाएगा जो इस बीमारी से उबर चुके हैं। साल भर उनकी निगरानी की जाएगी। उनकी नियमित तौर पर पैथोलॉजिकल, बायोकेमेस्ट्री व रेडियोलॉजिकल जांचें कराई जाएंगी। पूरा आंकड़ा आने पर यह नतीजा निकाला जाएगा कि कोरोना से ठीक होने के बाद इसकी वजह से दूसरी बीमारियां होती हैं या नहीं।

Posted By: Prashant Pandey

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