भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए कालेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) जारी है। वहीं लेटरल बीटेक विद्यार्थियों के लिए अब तक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) को निर्देश दे दिए गए हैं कि जल्द से जल्द लेटरल बीटेक के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाए। एआइसीटीई ने तकनीकी शिक्षा विभाग को निर्देश दे दिए हैं, लेकिन विभाग ने अब तक प्रवेश प्रक्रिया के लिए तारीख की घोषणा नहीं की है। बता दें, कि प्रदेश के 150 इंजीनियरिंग कालेजों में 55 हजार सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। अभी भी करीब 21 हजार सीटें खाली हैं। प्रवेश लेने के लिए 30 नवंबर तक आखिरी तारीख है। वहीं एसोसिएशन फार टेक्निकल एंड प्रोफेशनल इंस्टि्टयूट आफ मप्र के कोषाध्यक्ष डा अजीत सिंह पटेल ने कहा कि लेटरल बीटेक के लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करना चाहिए, जिससे डिप्लोमा इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों को बीटेक सेकेंड ईयर में प्रवेश मिल सके।

30 नवंबर तक होंगे प्रवेश

विभाग की ओर से जारी काउंसलिंग में करीब तीन हजार विद्यार्थियों ने प्रवेश निरस्त कराए हैं, जबकि पंजीयन भी कम हो रहे हैं। दो दिन में सबसे ज्यादा 500 विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग कालेजों से प्रवेश वापस लिए हैं, जबकि दो दिन में 410 ने पंजीयन कराए हैं। अभी तक पूरी काउंसलिंग में तीन हजार प्रवेश निरस्त हुए हैं। अंतिम सीएलसी में विद्यार्थियों को 30 नवंबर तक प्रवेश दिया जाएगा। सबसे ज्यादा 22 हजार 724 सीटें इंजीनियरिंग में रिक्त बनी हुई हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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