भोपाल। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी का कहना है कि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों से सिद्ध होता है कि हिंदू भी हिंसक हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ हिंसक घटनाओं के उदाहरणों से भरे पड़े हैं।

यह बात उन्होने गुरुवार को भोपाल में एक परिचर्चा में कही। परिचर्चा संसदीय प्रणाली चुनाव और जनतंत्र विषय पर थी। इसमें माकपा के कार्यकर्ता और सहयोगी संगठन के प्रतिनिधि मौजूद थे।

येचुरी ने रामायण और महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि आरएसएस प्रचारक एक तरफ इन ग्रंथों का उदाहरण देते हैं और फिर कहते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते। इस बात के पीछे आखिर क्या लॉजिक है कि धर्म विशेष के लोग ही हिंसा करते हैं और हिंदू नहीं?

येचुरी ने यह भी कहा था कि आरएसएस अपनी प्राइवेट आर्मी बना रहा है, लेकिन गठबंधन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटा देगा। इस कार्यक्रम में भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने यहां आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान का तमाशा बनाकर रख दिया है।

येचुरी के इस बयान पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया हैं। प्रदेश भाजपा तो शनिवार को इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी करने वाली है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीताराम येचुरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि हिंदू दर्शन सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामय: पर आधारित है। ये विचार ही विश्व के कल्याण का विचार है। हम वसुधैव कुटुम्बकम में भरोसा करने वाले लोग है। इसलिए हिंदू को हिंसक कहना उचित नहीं है। हिंदू धर्म अकेला ऐसा धर्म है जो सबको फलने फूलने का मौका देता है। आप साकार को मानो तो ठीक, निराकार को मानो तो ठीक। इतनी सहिष्णुता किस धर्म में हो सकती हैं।

चुनाव आयोग में करेंगे शिकायत:झा

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने सीताराम येचुरी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि हिंदू धर्म और रामायण महाभारत ग्रंथों को लेकर जो अपमानजनक टिप्पणी की है वह निंदनीय है। भाजपा इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी।

Posted By: Hemant Upadhyay