भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि! क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वाले पांच ठगों के गिरोह को साइबर क्राइम पुलिस ने गुरुग्राम हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जालसाजों ने काल सेंटर खोल कर चार माह में 35 लोगों से 10 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की है। इस गिरोह ने भोपाल के युवक से करीब एक लाख रुपये की धोखाधड़ी भी की थी। आरोपित क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर फोन कर झांसा दिया करते थे। आरोपित ने सबसे अधिक वारदात एनसीआर में ही की है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम अमित कुमार के मुताबिक भोपाल निवासी रोशन वर्मा ने ठगी की संबंध में शिकायत की थी। उसका कहना था कि 5 अप्रैल 22 को उसके पास एक मोबाइल नंबर से फोन आया और एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर अधिकारी का बनकर बात करने लगा। उसने क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट रिडीम करने के नाम पर उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर 99,928 रुपये उनके खाते से निकाल लिए थे। बाद में उनकी शिकायत पर धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी। शिकायती आवेदन पर पुलिस ने बैंक खाता व मोबाइल नंबर के आधार पर केस दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया था। इस मामले में पांचों आरोपितों को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से 17 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड एवं 15 एटीएम कार्ड पुलिस ने जब्त किए हैं।

आरोपितों में इंजीनियर और बीकाम पास शामिल

- कमल सैनी निवासी दिल्ली बीकॉम पास है। कॉल कर क्रेडिट कार्ड की जानकारी प्राप्त करता था।

- दिनेश मीना निवासी दिल्ली बीए है। जानकारी के आधार पर क्रेडिट कार्ड से वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करता था।

- अविनाश कश्यप निवासी दिल्ली इंजीनियरिंग है। स्वयं के खाते में पैसे जमा करता एवं अन्य बैैंक खातों की व्यवस्था करता था।

- धोरव निवासी दिल्ली दसवीं पास है। किराए पर खातों की व्यवस्था करता और एटीएम से पैसे नकद निकाल कर सह आरोपितों को देता था।

- गौतम केसरी निवासी दिल्ली आठवीं पास है। किराए पर स्वयं के खाते उपलब्ध करवाता था।

पकड़े गए आरोपियों में कमल सैनी व दिनेश मीना इस गिरोह के सरगना हैं। कमल सैनी लोगों को एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड कस्टमर केयर अधिकारी बनकर फोन किया करता था। वह फरियादी से कार्ड की जानकारी को वालेट में ट्रांसफर करने के लिए सह आरोपित दिनेश मीना को देता था। दिनेश क्रेडिट कार्ड से रुपये फर्जी तरीके से तैयार किए गए वालेट में ट्रांसफर कर लेता था। वालेट में आए रुपयों को तुरंत सहआरोपित धोरव द्वारा उपयोग किए जाने वाले किराए के बैैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। बैैंक खाते में रुपये आने पर धोरव तत्काल रुपयों को एटीएम से माध्यम से निकाल लेता था। शेष राशि सह आरोपित अविनाश कश्यप के बैैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close