भोपाल।नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। Dearness allowance प्रदेश के साढ़े चार लाख से ज्यादा नियमित कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) और करीब चार लाख पेंशनर्स की महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने को लेकर सरकार ने चुप्पी साध ली है। केंद्र सरकार ने जुलाई से डीए/डीआर 12 से बढ़ाकर 17 प्रतिशत किया है। अखिल भारतीय सेवाओं के अफसरों का डीए बढ़ाने के आदेश 24 अक्टूबर को जारी किए जा चुके हैं, लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को लेकर फैसले की सुगबुगाहट तक नहीं है। वहीं, यह भी तय नहीं हुआ है कि आईएएस अफसरों का कितना डीए राज्य पुनर्निर्माण उपकोष में जमा करवाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए/डीआर बढ़ाने का फैसला मौजूदा खर्चों को देखते हुए नहीं कर पा रही है। दरअसल, प्रदेश में अतिवर्षा और बाढ़ से फसल सहित अधोसंरचना को बड़ा नुकसान हुआ है। किसानों को राहत राशि का भुगतान होना है तो सड़क, पुल-पुलिया और भवनों के रखरखाव में तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने हैं।

केंद्र सरकार से इसके लिए छह हजार 621 करोड़ रुपए का राहत पैकेज और तीन हजार करोड़ रुपए अधोसंरचना विकास के लिए मांगे गए थे, लेकिन सिर्फ एक हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। ऊंट के मुंह में जीरा के समान मिली इस राहत से न तो किसानों को पूरी तरह मदद पहुंचाई जा सकती है और न ही सड़क, पुल-पुलिया की मरम्मत के काम हो सकते हैं।

केंद्रीय योजनाओं के हिस्से की राशि भी आधी-अधूरी दी जा रही है। किसानों का फसल बीमा रोकने के साथ भावांतर और गेहूं के 1400 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। यही वजह है कि बजट में डीए/डीआर के लिए वित्तीय प्रावधान होने के बावजूद अब तक कर्मचारियों को इसका लाभ देने का फैसला नहीं हो पाया है।

एक माह पहले तैयार हुआ था प्रस्ताव

सूत्रों का कहना है कि वित्त विभाग डीए और डीआर बढ़ाने का प्रस्ताव एक माह पहले तैयार कर भेज चुका है, लेकिन इसे आगे बढ़ाने के संकेत उच्च स्तर से नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि जनवरी से डीए का नकद भुगतान किया जा सकता है, लेकिन यह भी राजस्व आय पर निर्भर करेगा। दरअसल, केंद्र सरकार से जो राशि मध्यप्रदेश को विभिन्न् माध्यमों से मिलने का अनुमान है, उसमें भारी कमी का अंदेशा है।

आर्थिक मंदी को काबू में करने के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न् क्षेत्रों को जो रियायत दी हैं, उसका असर कर संग्रहण पर पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि फरवरी में केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष का बजट तैयार होगा।

जहां तक कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए/डीआर बढ़ाने की बात है तो इसका लाभ एक जुलाई से ही मिलेगा। नकद भुगतान के साथ एरियर्स की राशि भविष्य निधि खाते में जमा कराई जाएगी।

Posted By: Hemant Upadhyay