भोपाल। नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। Debt waiver in Madhya Pradesh प्रदेश सरकार उन किसानों को कर्जमाफी का एक मौका देगी, जो किन्हीं वजह से फार्म भरने से छूट गए थे। इन्हें 31 जनवरी तक गुलाबी रंग का फार्म (पिंक फार्म) भरना होगा। इसका परीक्षण जिला स्तरीय समिति करेगी। इसके बाद कर्जमाफी का लाभ देने का नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास कई ऐसे आवेदन पहुंचे हैं, जिनमें बताया गया कि वे प्रक्रिया को समझ नहीं पाए और फार्म जमा नहीं किए। ऐसे मामलों पर एक बार फिर विचार करने का निर्णय लिया गया है। सभी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रक्रिया से छूट गए किसानों के फार्म लें और उन्हें परीक्षण के लिए भेजें।

यदि सभी कुछ पात्रता के दायरे में आता है तो फिर ऐसे किसानों की सूची बनाकर कृषि विभाग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर सरकार नीतिगत निर्णय लेगी कि इन्हें प्रक्रिया में किस तरह से शामिल किया जाए। किसानों को पिंक रंग का फार्म भरना होगा। इसका मतलब यह होगा कि इनके बारे में निर्णय जांच के बाद लिया जाएगा।

11 हजार से ज्यादा चालू खातों का कर्ज माफ

कर्जमाफी के दूसरे चरण में अब तक 11 हजार 44 किसानों के चालू खातों के 80 करोड़ रुपए से ज्यादा की कर्जमाफी स्वीकृत की जा चुकी है। वहीं, पहले चरण के लंबित 629 प्रकरणों को भी स्वीकार करते हुए एक करोड़ 90 लाख रुपए की कर्जमाफी देने का निर्णय लिया गया है। इसे मिलाकर अब तक प्रदेश में आठ लाख 53 हजार चालू खातों पर दो हजार 68 करोड़ और नौ लाख 43 हजार एनपीए प्रकरणों के चार हजार 799 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया जा चुका है।

Posted By: Hemant Upadhyay

fantasy cricket
fantasy cricket