Delta Plus Variant Guidelines: भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर मध्य प्रदेश में अलग से दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन का ही पालन प्रदेश में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसे मरीजों के इलाज के लिए इंतजाम करने का दावा किया गया है।

मंगलवार को डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में भी इस वैरिएंट के मरीज मिले हैं। शासन की ओर से बताया गया है कि इस वैरिएंट के मरीजों के लिए आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शन की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य अमले को केंद्रीय स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत ही मरीजों का इलाज करने की हिदायत दी गई है। स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में इस बीमारी से संबंधित मरीजों के इलाज के लिए अलग से गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। लक्षणों के आधार पर मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जो लोग इससे संक्रमित हुए हैं, उनकी निगरानी की जा रही है।

अक्टूबर तक सभी पात्र व्यक्तियों को मिलेगा टीके का सुरक्षा चक्र

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने तय किया है कि अक्टूबर तक सभी पात्र व्यक्तियों का टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा। अब तक एक करोड़, 67 लाख, 33 हजार, 198 डोज लगाई जा चुकी हैं। सोमवार को एक दिन में 16 लाख, 95 हजार, 592 डोज लगाए गई हैं। यह आप सभी के सहयोग से संभव हुआ है।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपदा प्रबंधन समूह और टीकाकरण अभियान से जुड़े लोगों को वीडियो कांफ्रेंंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश का 20 प्रतिशत टीकाकरण मध्य प्रदेश में एक दिन में किया गया है। इस अभियान के लिए मंत्री समूह, आपदा प्रबंधन समूह के सदस्य और युवाओं ने कोविड मुक्ति मॉडल तैयार किया। जनजाति बहुल क्षेत्र, जहां लोग टीकाकरण से भयभीत थे, प्रेरक सदस्यों ने टीकाकरण के बारे में समझाया। इसका नतीजा यह हुआ कि वहां भी टीकाकरण के लिए लोग आगे आ रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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