Dengue in Bhopal: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में एक ओर जहां कोरोना संक्रमण के प्रकरण पुन: बढ़ रहे हैं, वहीं डेंगू का प्रकोप भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को शहर में डेंगू के 29 संदिग्धों के सैंपलों की जांच की गई। इनमें से चार में डेंगू की पुष्टि हुई है। डेंगू के नए केस जहांगीराबाद, शाहजहांनाबाद और जानकी नगर में मिले हैं। इसी तरह से चिकनगुनिया के भी 29 सैंपलों की जांच की गई। इनमें दो को चिकनगुनिया निकला है। जिले में अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या 559 हो गई है। वहीं चिकनगुनिया के मरीजों का आंकड़ा भी 100 से ऊपर पहुंच चुके हैं। डेंगू के नए केस जहांगीराबाद, शाहजहांनाबाद और जानकी नगर में मिले हैं।

यहां पर यह बता दें कि डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी मच्‍छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शहर में हर दिन करीब 1300 घरों में लार्वा सर्वे किया जा रहा है। इसमें आठ से 10 फीसद घरों में लार्वा मिल रहा है। डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज लालघाटी क्षेत्र में मिल रहे हैं।

टीका लगा है तो एम्स में सर्जरी के पहले कोरोना जांच की जरूरत नहीं

कोरोना से बचाव के लिए टीका की दोनों डोज लगी हैं तो एम्स में सर्जरी के पहले ऐसे मरीजों की कोविड जांच की जरूरत नहीं होगी। यह निर्णय बुधवार को अस्पताल की संक्रमण रोकथाम समिति की बैठक में लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता एम्स के निदेशक डा. सरमन सिंह ने की। बैठक में यह बात सामने आई थी मरीजों की आरटीपीसीआर जांच के इंतजार में सर्जरी में करीब 24 घंटे की देरी होती है। जिन्हें टीका लग चुका है उन्हें कोरोना होने का खतरा बहुत कम रहता है। साथ ही कोरोना होने पर इनसे दूसरों को संक्रमण का डर भी नहीं रहता। लिहाजा ऐसी व्यवस्था की गई है। एम्स के इस निर्णय के बाद हमीदिया, सुल्तानिया और जेपी अस्पताल में भी सर्जरी के पहले कोरोना जांच की अनिवार्यता खत्म की जा सकती है।

Posted By: Ravindra Soni

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