भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हमीदिया अस्पताल के दो हजार बिस्तर वाले नए भवन को तैयार करने में दो साल की देरी के बाद निर्माण एजेंसी पीआइयू ने फिर 15 दिन का समय अस्पताल का काम पूरा करने के लिए मांगा है। अस्पताल भवन तैयार नहीं होने की वजह से कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों के इलाज के लिए वार्ड तैयार नहीं हो पा रहा है। सोमवार को गांधी मेडिकल कालेज की कार्यकारिणी समिति की बैठक संभागायुक्त गुलशन बामरा की अध्यक्षता में हुई।

बैठक में पीआइयू के अधिकारियों ने हर हाल में 15 दिन के भीतर अस्पताल भवन तैयार करने को कहा है। बता दें कि 2016 से इस अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है । तब से लेकर अभी तक 13 बार ब्लाक-बी और ब्लाक-ए का निर्माण पूरा करने की समयसीमा बढ़ाई गई है। बैठक में 800 बिस्तर वाले ब्लाक-ए को तैयार करने के लिए पीआइयू ने चार महीने का समय मांगा है। अभी तक दिसंबर तक इस ब्लाक को पूरा करने की समय सीमा थी। दो वर्ष की देरी के बाद हमीदिया के नए भवन को तैयार करने का समय 14वीं बार बढ़ा।

मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में लगेंगे संकेत बोर्ड

कार्यकारिणी समिति की बैठक में संभागायुक्त ने कहा है कि अस्पताल के भीतर और बाहर संकेत चिह्न लगाकर बताया जाए कि कौन सी सुविधा किस जगह पर है। उन्होंने यह भी कहा है कि ईदगाह हिल्स में हड्डी रोग का उत्कृष्टता संस्थान और क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान बनाने का निर्माण शुरू करने के पहले फेंसिंग कराई जाए। बता दें कि इसी महीने निर्माण कार्य के लिए भूमिपूजन कराने की तैयारी है। बैठक में यह मुद्दा भी आया कि 2021-22 का बजट स्वीकृत नहीं होने की वजह से जरूरी काम के लिए राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बता दें कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने दिसंबर के पहले खर्च किए गए बजट को कार्योंत्तर स्वीकृति देने से मना कर दिया है, इस वजह से यह दिक्कत आ रही है।

अस्पताल तैयार करने से यह होगी सुविधा

- सुल्तानिया अस्पताल को यहां पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे प्रसूताओं को इलाज में सुविधा हो जाएगी। अभी जांच व अन्य विभागों में इलाज के लिए महिलाओं को दो किमी दूर हमीदिया आना पड़ता है।

- कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर इसी ब्लाक में बच्चों के लिए 80 बिस्तर का आइसीयू तैयार किया जाना है। उपकरण और बिस्तर भी आ चुके हैं, लेकिन भवन तैयार नहीं होने की वजह से वार्ड तैयार नहीं हो पा रहा है।

- इसी भवन में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई और शिशु रोग विभाग की ओपीडी हस्तांतरित की जानी है। अभी नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में 30 बिस्तर हैं। नए भवन में आने के बाद 50 बिस्तर हो जाएंगे।

हमीदिया अस्पताल का बी ब्लाक तैयार करने के लिए पीआइयू को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद सुल्तानिया अस्पताल को यहां पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। वहीं, ब्लाक ए दिसंबर के बाद तैयार होगा। जल्द से जल्द कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

- डा. अरविंद राय, डीन, जीएमसी

Posted By: Ravindra Soni

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