भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और गुना जिले के चाचौड़ा से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया। मुलाकात के बाद शिवराज और लक्ष्मण सिंह दोनों ने ही इसे केवल सौजन्य भेंट बताया। सिंह ने सवाल भी किया कि 'क्या हम मिल नहीं सकते" ।

शिवराज सिंह ने मीडिया से कहा कि वे मेरे मित्र हैं। हम संसद में साथ रहे हैं, विधानसभा में भी साथ हैं। कोई और बात नहीं है। उन्होंने लक्ष्मण सिंह की चाचौड़ा तहसील को जिला बनाए जाने की मांग का भी समर्थन किया। शिवराज सिंह ने कहा कि अगर कोई मांग उठा रहा है तो इसका मतलब यह है कि उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।

सियासी माहौल गर्माया

झाबुआ उपचुनाव के परिणाम से ठीक एक दिन पहले बुधवार को लक्ष्मण सिंह के दांव-पेंच ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया। माना जा रहा है कि एक दिन पहले दिग्विजय सिंह के यहां धरना देकर लक्ष्मण सिंह ने यह संदेश देने की भी कोशिश की है कि सत्ता का असली केंद्र दिग्विजय हैं। अगले ही दिन शिवराज से मुलाकात कर उन्होंने अटकलों को तेज कर दिया है।

दिग्विजय के यहां दिया था धरना

मंगलवार को लक्ष्मण सिंह ने बड़े भाई दिग्विजय सिंह के भोपाल स्थित निवास पर समर्थकों के साथ धरना दिया था। वे चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह से बातचीत करने और समझाने के बाद उन्होंने समर्थकों के साथ धरना खत्म कर किया।

कर्ज माफी पर उठाया था सवाल

कांग्रेस के मुखर विधायक लक्ष्मण सिंह पहले भी सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष रहे राहुल गांधी के बयान ' दस दिन में किसानों का कर्जा माफ" पर सिंह ने कहा था कि कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगना चाहिए। गौरतलब है कि लक्ष्मण सिंह करीब नौ साल तक भाजपा में रह चुके हैं। 2004 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी। वे राजगढ़ संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद भी चुने गए। जून 2013 में वे फिर कांग्रेस में शामिल हो गए।

Posted By: Hemant Upadhyay