भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदा से निपटने राशि देने में मप्र के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। मप्र के हिस्से की राशि नहीं दी जा रही। दिग्विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि दिल्ली चलकर प्रधानमंत्री से चर्चा करें यदि वे नहीं सुनते हैं तो जनहित की खातिर मेरे साथ वहीं धरने पर बैठें।

दिग्विजय ने अपने सियासी पत्र में यह भी कहा है कि मप्र से राज्यसभा और लोकसभा की 40 सीटों में से 36 सांसद भाजपा के हैं। ये सभी केंद्र सरकार में मप्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, आप राज्य के जिम्मेदार नागरिक, पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य और विधायक भी हैं।

प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्ना हालातों से निपटने मप्र सरकार ने त्वरित कदम उठाकर राहत पहुंचाई है, लेकिन प्राकृतिक आपदा से निपटने दी जाने वाली राशि में केंद्र ने अपना हिस्सा 90 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी कर दिया। केंद्रीय अध्ययन दल ने 6621.28 करोड़ और अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए 2258.88 करोड़ की राशि तुरंत उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है, लेकिन अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई।

उन्होंने शिवराज सिंह को याद दिलाया कि 6 मार्च 2014 को उन्होंने केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ मप्र के साथ हो रहे कथित भेदभाव को लेकर भोपाल में उपवास कर 5000 करोड़ रुपए की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इसलिए अब पुन: थोड़ा वक्त निकालें और हम दोनों प्रधानमंत्री से चर्चा करने दिल्ली चलें।

Posted By: Hemant Upadhyay