भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कश्मीर सहित पीओके भारत का अभिन्न् हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की इच्छा के विपरीत जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35(ए) समाप्त करने का फैसला किया।

उन्‍होंने कहा कि वाजपेयी चाहते थे कि अनुच्छेद 370 व 35(ए) हटाने का फैसला जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत को साथ लेकर किया जाए, लेकिन सरकार ने वहां विधानसभा भंग कर राज्यपाल के मत पर फैसला कर लिया। जबकि विधानसभा भंग होने के बाद निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा-लोकसभा के साथ-साथ चुनाव कराने की अपनी तैयारी बताई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं किया।

इधर, मप्र के संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ की 114 विधायकों वाली सरकार के पास कांग्रेस विचारधारा के चार निर्दलीय और सपा-बसपा के दो विधायक हैं। उन्होंने मीडिया, ब्यूरोक्रेसी, भाजपा नेताओं को कहा कि वे इस भ्रम में न रहें कि कमलनाथ सरकार पांच साल पूरे नहीं करेगी।

दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सेंट्रल प्रेस क्लब द्वारा आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कहा कि मोदी सरकार ने 2014-19 का कोई वादा पूरा नहीं किया। आयकर, ईडी, सीबीआई को सरकार ने अपना हथियार बना लिया है। क्षेत्रीय पार्टियां दबाव में हैं। नए उद्योग नहीं आ रहे हैं। जीएसटी को ऐसा लागू किया गया, जिससे फायदे की जगह नुकसान हुए। नोटबंदी का नतीजा यह हुआ कि बेरोजगारी बढ़ गई। 2018 में रोजगार सबसे कम मिले।

उन्‍होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि ऑटो मोबाइल सेक्टर में तीन लाख बड़े वाहन और 30 लाख दोपहिया वाहन फैक्ट्रियों में बने हुए खड़े हैं। 10 लाख लोगों के रोजगार जाने की आशंका है।

सिंह ने कहा कि सरकार को इसकी चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें तीन तलाक की चिंता है। जबकि तीन तलाक के मात्र 400-500 प्रकरण आते हैं और कुछ मुस्लिम इसे मानते ही नहीं है। कांग्रेस भी तीन तलाक के खिलाफ है, लेकिन यह सामाजिक समस्या है, जिसे समाजों पर ही छोड़ना चाहिए।

अभिभावक-छात्र को सरकारी गवाह बनाएं

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापमं घोटाले में हजारों छात्रों और अभिभावकों को आरोपित बनाकर मामले को उलझाया गया। जबकि हरियाणा में शिक्षकों की भर्ती घोटाले में पैसे देने वालों को सरकारी गवाह बनाया गया था। वे बोले कि व्यापमं घोटाले में पैसा देने वाले अभिभावकों और कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को सरकारी गवाह बनाए जाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा की है और पुनर्विचार की मांग की है।

उनके अनुसार पैसा लेने वाले बड़े आरोपी घूम रहे हैं और पैसा देने वाले अभिभावक व छात्रों को आरोपी बना दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ सरकार 15 साल के भाजपा शासन में डंपर से लेकर ई-टेंडर तक जितने भी घोटाले हुए हैं, उन सभी को उजागर कर निष्पक्ष जांच कराएगी।

भोपाल मास्टर प्लान जल्द आकार लेगा

दिग्विजय बोले कि कि भोपाल मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में मतदाताओं के सामने जो भोपाल विजन डॉक्यूमेंट रखा था, उस पर कमलनाथ सरकार काम कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा हुई है।