भोपाल। विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस सबसे ज्यादा फोकस मालवांचल पर कर रही है। इस दृष्टि से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मालवांचल यात्रा ने भारतीय जनता पार्टी में खलबली मचा दी है। सिंह पिछले दो दिन में मालवा के कई जिलों में दौरे पर गए।

जहां उन्होंने भूले बिसरे कांग्रेसियों के घर दस्तक दी। ऐसा माना जा रहा है कि मालवा में विधानसभा चुनाव की तर्ज पर सिंह फिर कांग्रेस को आगे रखना चाहते हैं। जावरा, रतलाम, मंदसौर सहित कई शहरों में उन्होंने कार्यकर्ताओं की बैठकें भी लीं। दिग्विजय के दौरे के बाद अब भाजपा सतर्क हो गई है।

16 फरवरी को धार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को सफल बनाने के लिए पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। फिलहाल कांग्रेस के पास मालवा में मात्र एक रतलाम की आदिवासी सीट ही है पर कांग्रेस ने यहां से आधा दर्जन सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।

मंदिर-मजार भी गए

उज्जैन में दिग्विजय सिंह ने हरसिद्धी माता के दर्शन किए, फिर जावरा में हुसैन टेकरी भी गए। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के जाजली स्थित हनुमान मंदिर में जाकर माथा टेका। वहीं पर होली हनुमानजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

राजनीतिक दौरे के मायने

दिग्विजय के इस दौरे के राजनीतिक मायने तलाशने में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के लोग जुटे हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले मालवा का दौरा नब्ज टटोलने के लिए हुआ है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मंदसौर में कोई खास सफलता नहीं मिल पाई।

कांग्रेरस की राजनीति में भी हलचल

पूर्व सीएम के दौरे में सुभाष सोजतिया तो साथ थे, लेकिन मीनाक्षी नटराजन नजर नहीं आईं। भोजशाला के अध्यक्ष अनिल संचेती के घर पर गए तो नरेंद्र नाहटा साथ नहीं थे। नाहटा और संचेती दोनों एक-दूसरे के विरोधी हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश रातड़िया भी उनके साथ दिखाई नहीं दिए। सिंधिया समर्थक राजेंद्र सिंह गौतम ने नयापुरा गांव में स्वागत कर किनारा कर लिया। वहीं विधानसभा चुनाव के बागी ओमसिंह भाटी उनके साथ बने रहे।

प्रहलाद की हत्या को राजनीतिक बताया

दिग्विजय ने मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की हत्या को पिछले दिनों राजनीतिक बताकर वहां भाजपाइयों को घेरने की कोशिश की। सिंह ने कहा कि इसकी बारीकी से जांच की जाना चाहिए। मंदसौर में दिग्विजय सिंह किसान गोलीकांड में मारे गए अभिषेक पाटीदार के घर भी गए थे। जहां उन्हें अभिषेक की मां की नाराजगी झेलना पड़ी। दरअसल कुछ दिन पहले मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा भी अभिषेक के घर गए थे, जहां उनके द्वारा की टिप्पणी से मां नाराज हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुविधाएं और पैसा तो दे दिया पर क्या इससे मेरा बेटा वापस आएगा।

कांग्रेस पर कब्जा जमाने कर रहे दिग्विजय दौरे: दीपक विजयवर्गीय

भाजपा के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि दिग्विजय सिंह डेढ़ साल पहले ही अपना आभामंडल खो चुके हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें किसी भी मंच से भाषण नहीं देने दिया।

सरकार बनने के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को मंत्री बनवा लिया और उसी के बहाने वे मालवा का दौरा करके दबाव बनाना चाहते हैं कि मप्र में उनका प्रभाव है। दिग्विजय सिंह की इस तिकड़मबाज पॉलीटिक्स का उद्देश्य सिर्फ मप्र कांग्रेस पर कब्जा करना है। भाजपा न तो उन्हें चुनौती के रूप में लेती है और न ही उन्हें तवज्जो देती है।