भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)।

गले में साधारण तकलीफ होने पर भी लोग एंटीबायोटिक खाना शुरू कर देते हैं। वह भी खुद से या मेडिकल स्टोर वाले से पूछकर। पूरा डोज भी नहीं लेते, जिससे जीवाणु रजिस्टेंट होने लगता है। उस दवा का असर शरीर में नहीं होता। उस बैक्टीरिया से दूसरे को संक्रमण होता है तो उस पर भी दवाओं का असर नहीं होगा। कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है, इसलिए यह सलाह तो नहीं दे सकते कि तकलीफ होने पर ठीक होने का इंतजार करते रहें। हां, यह जरूर है कि बिना बुखार गले में खराश या दर्द हो तो 48 घंटे तक सामान्य होने का इंतजार कर सकते हैं। बुखार हो तो फौरन चिकित्सक को दिखाना चाहिए, क्योंकि यह कोरोना के लक्षण भी हो सकते हैं। यह कहना है हमीदिया अस्पताल के नाक, कान एवं गला रोग विभाग के सह प्राध्यापक डॉ.यश्ावीर जेके का। शनिवार को 'हेलो नवदुनिया" में पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही। इसका विषय था 'ठंड में गले में संक्रमण, कारण और बचाव"।

आम लोगों के सवाल और डॉ. यशवीर के जवाब

सवाल: बेटे को गले में छाले आ जा जाते हैं। (रत्ना, भोपाल)

जवाब: एसिडिटी की वजह से यह दिक्कत होती है। 15 साल में यह समस्या होना गंभीर बात है। पानी कम पीने से एसिडिटी ज्यादा होती है। जंक फूड खाने से बचना चाहिए।

सवाल: कोरोना और गले में अन्य संक्रमण में भ्ोद कैसे करें। (संजू गुप्ता, कटारा हिल्स)

जवाब: कोरोना के 80 फीसद मरीजों को हल्का या तेज बुखार जरूर आता है। बुखार के साथ गले में तकलीफ है तो कोरोना की जांच जरूर करानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा लेना ठीक नहीं रहेगा।

सवाल: एसिडिटी की समस्या लंबे समय तक रहने से और क्या तकलीफ हो सकती है। (राशिद खान, भोपाल)

जवाब: एसिडिटी के चलते पेट में अल्सर (पेप्टिक अल्सर) हो जाते हैंं। लगातार अल्सर की समस्या कैंसर का रूप भी ले सकती है।

सवाल: मेरी पत्नी को निवाले निगलने में दिक्कत होती है। (एसपी सक्सेना, सोनागिरी)

जवाब: ज्यादा उम्र में महीने में एक या दो बार यह समस्या होती है तो गंभीर बात नहीं है, लेकिन हफ्ते में एक-दो बार होती है तो एंडोस्कोपी करानी चाहिए तभी सही कारण पता चलेगा।

सवाल: पत्नी की उम्र्र 70 साल है। बार-बार गला सूखता है। (एसआर स्वर्णकार, भोपाल )

जवाब: डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले मरीजों को पेशाब ज्यादा लगती है। इस डर के चलते वह कई बार पानी ही नहीं पीते। पानी की कमी से गला सूखता है। यह कोई बीमारी नहीं है।

सवाल: एसिडिटी की समस्या से कैसे बच सकते हैं। (कुलदीप रावत, अशोका गार्डन)

जवाब: हर दिन चार से पांच लीटर पानी पीएं, जिन चीजों को खाने से एसिडिटी बढ़ती है उनसे बचें। ज्यादा ठंडी चीजें न खाएं। रात में खाने के दो घंटे बाद ही लेटें। तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें। पर्याप्त नींद लें।

सवाल: ठंडी में गले में तकलीफ किन-किन कारणों से हो सकती है। (स्र्द्र सिंह, कोलार)

जवाब: बैक्टीरिया और वायरस से गले में संक्रमण्ा होता है। एलर्जी और एसिडिटी की वजह से भी उसी तरह की दिक्कत होती है, जैसे संक्रमण में होती है। जिन चीजों से एलर्जी है, उनसे बचे।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस