जवाहर बाल भवन में नाटक 'स्मृतियां' का मंचन

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

त्रिकर्षि नाट्य संस्था की ओर से बुधवार को मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिवस पर नाटक 'स्मृतियां' का मंचन जवाहर बाल भवन की बाल रंग शाला में किया गया। अरविंद शर्मा द्वारा लिखित कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के जीवन के विभिन्न अनछुये पहलुओं से परिचित कराने वाले इस नाटक में एकालाप विधा में मृदुला भारद्वाज ने अभिनय किया। नाटक के निर्देशक केजी त्रिवेदी का मानना है कि हम जिन कालजयी रचनाकारों की कृतियों का नाट्य रूपांतरण करते हैं उनके जीवन चरित्र को भी दिखाना चाहिए। यह उन लेखकों के प्रति सच्ची श्रद्घांजलि होगी।

क्रांतिकारी रचनाकर थे मुंशी प्रेमचंद

इस नाटक में बताया गया है कि प्रेमचंद एक क्रांतिकारी रचनाकर थे, उन्होंने न केवल देशभक्ति, बल्कि समाज में व्याप्त अनेक कुरीतियों को देखा और उनको कहानी के माध्यम से पहली बार लोगों के समक्ष रखा। उन्होंने उस समय के समाज की जो भी समस्याएं थी उन सभी को चित्रित करने की शुरुआत की। उसमें दलित भी आते हैं, नारी भी आती हैं। ये सभी विषय आगे चलकर हिंदी साहित्य के बड़े विमर्श बने। एक लेखक के अलावा वह पुत्र, पति और पिता भी थे। उनके जीवन को समझने के लिए उनकी पुत्री कमलादेवी श्रीवास्तव के अशोक मनवानी एवं राजेश सिरोठिया द्वारा लिए गए साक्षात्कार को आधार बनाकर यह नाटक लिखा गया। कमलादेवी के अंतस में बसी बाबूजी की स्मृतियों का मंचन इस नाटक में किया गया।