-ड्रामा इन सिटी

- शहीद भवन में शुक्रवार की शाम नाटक 'रोमियो जूलियट-इन स्मार्ट सिटीज ऑफ कंटेम्पररी इंडिया '

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

शहीद भवन में शुक्रवार की शाम नाटक 'रोमियो जूलियट-इन स्मार्ट सिटीज ऑफ कंटेम्पररी इंडिया ' की प्रस्तुति हुई। संहिता मंच-19 नाट्य महोत्सव के तहत मंचित नाटक मेट्रो सिटीज का कल्चर और उसमें पनपती प्रेम कहानी के बीच पैदा होने बाली कठिनाइयों का सहज मंचन दिखा। स्वप्निल जैन लिखित नाटक का निर्देशन सौरभ अनंत ने किया है। लोगों ने स्मार्टनेस का मुखोटाभर पहना हुआ है। समाज के लोग प्रेमियों को इन मेट्रो शहरों में भी स्वीकारने में हिचकिचाते ही हैं, साथ ही उनके निजी जीवन में भी दखलंदाजी करते हैं। मृदुल और वैभवी नाम के पात्रों पर केंद्रित प्रेम कहानी में समाज द्वारा तौर-तरीके के नाम पर की जाने वाली दखलंदाजी को रोचक अंदाज में पेश किया है। इस नाटक का संगीत हेमंत देवलेकर का रहा, जो नाटक को खास बनाता है। नाटक में कहां जाए कहां जाए प्यार करने बाले...। कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी.. और दो प्रेमी प्यार करेंगे जैसे गीत बेहद खास हैं।

ऑफिस में शुरू हुआ प्रेम

छोटे शहर में रहने वाले मृदुल और वैभवी जयपुर जैसी स्मार्ट सिटी में जॉब करते हैं। उनकी प्रेम कहानी ऑफिस में काम करते हुए शुरू होती है। साथ शुरू होता है उनकी मुलाकातों का दौर। लेकिन समस्या मुलाकात करने की जगह है, क्योंकि जहां मृदुल को कमरा मिलता है उस मकान मालिक की शर्त होती है कि उससे कमरे पर मिलने कोई महिला मित्र नहीं आएगी। ऐसे में ये दोनों प्रेमी परेशान होते हैं,मृदुल

मकान मालकिन के बाहर जाने बाले दिन ही वैभवी को बुला लेता है, लेकिन वैभवी के आने के दौरान मकान मालिक के जाने में देरी हो जाती है। इस दौरान वह सड़क पर खड़ी रहती है जहां उसके साथ सड़क छाप मजनू छेड़छाड़ करते हैं, जिसमें हास्य भी पैदा करने का प्रयास किया गया है।

भीड़ के कारनामों की न्यूज

कहानी इसके बाद तब घूमती है जब वैभवी मृदुल के घर पहुंच जाती है, दोनों जब अपने प्रेम की बातों में खोए होते हैं। तभी भीड़ उनके घर में आ जाती है और मृदुल और वैभवी के साथ मारपीट करती है और

वीडियो बनाकर वायरल कर देती है, जिसके बाद लोग उस पर कमेंट करते हैं, और उस पर आपत्ति करते हैं। नाटक का समापन भीड़ के ऐसे ही कारनामों की न्यूज बताते हुए होता है। इससे पूर्व दिखाया जाता है कि यह दोनों प्रेमी प्रताड़ित होकर मरने का निर्णय कर लेते हैं। हालांकि, वह ऐसा करते नहीं है। इसकी जानकारी भी समापन न्यूज के दौरान ही दी जाती है।