-लिटरेचर इवेंट

दुष्यंत संग्रहालय में दिव्या बालजीवन का व्याख्यान

भोपाल(नरि)। मॉरीशस की वरिष्ठ लेखिका और संस्कृतिकर्मी दिव्या बालजीवन अपने परिवार के साथ शनिवार को दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय पधारीं। उन्होंने संग्रहालय की भित्ति पत्रिका 'बयान' पर चन्द्रसेन विराट के कविता-पत्र का अनावरण किया। श्रीमती दिव्या ने मॉरीशस के सांस्कृतिक परिदृश्य और पारंपरिक परिवेश पर प्रकाश डालते हुए भारतीय संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने वहां की संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की और उपस्थित श्रोताओं के सवालों के जवाब भी दिए।

सुश्री दिव्या ने बताया कि मॉरीशस में हिंदू रीति, रिवाज और संस्कारों का ठीक वैसा ही पालन किया जाता है, जैसा की भारत में। दोनों देशों की धार्मिक पारंपरिक मान्यताओं में कोई अंतर नहीं है। इस अवसर पर दिव्या का अभिनंदन करते हुए उन्हें संग्रहालय की स्मारिका भेंट की गई। कार्यक्रम के संयोजक रामराव वामनकर ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। निदेशक राजुरकर राज ने संचालन करते हुए संग्रहालय का परिचय दिया।

इस अवसर पर श्रीमती ऊषा चतुर्वेदी, विपिन बिहारी वाजपेयी, कैलाश श्रीवास्तव आदमी, डॉ. रामकुमार चतुर्वेदी, प्रो. अखिलेश यादव, राजकुमारी चौकसे, विजया रायकवार सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित थे। अध्यक्षीय वक्तव्य में ममता तिवारी ने संग्रहालय के प्रयासों की सराहना करते हुए दिव्या बालजीवन के मॉरीशस सम्बन्धी व्याख्यान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने संग्रहालय में अतिथि परंपरा का भी उल्लेख किया।

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