E-Certificate Copy भोपाल (राज्य ब्यूरो)। लोगों को कोर्ट केस की प्रति घर बैठे मिल जाएगी। हाईकोर्ट द्वारा लागू किए गए प्रोजेक्ट ई-सर्टिफिकेट कापी की प्रशंसा देश भर में हो रही है। इंटिग्रेटेड वीडियो सर्विलांस सिस्टम (आइवीसीएस) की भी तारीफ की जा रही है। यह बात मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित आर्या ने शनिवार को यहां प्रशासन अकादमी में ई-कोर्ट की समीक्षा के दौरान कही। बैठक में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार फसाहत अली व एसीएस गृह राजेश राजौरा भी मौजूद थे।

कोर्ट के लिए पद स्‍वीकृत करने के निर्देश

जस्टिस आर्या ने वित्त विभाग के सचिव को हाईकोर्ट एवं ई-कोर्ट के लिए आवश्यकता के अनुसार पद स्वीकृति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन के अभाव में ई-कोर्ट कमेटी के निर्देशों के पालन में कठिनाई हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हाईकोर्ट और दोनों खंडपीठों में 22 करोड़ और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 60 करोड़ पेज डिजिटलाइज किए गए हैं। बैठक में महानिदेशक जेल अरविंद कुमार, डीजी अभियोजन अन्वेष मंगलम व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

फारेंसिक लैब की संख्या और क्षमता बढ़ाएं

जस्टिस आर्या ने पुख्ता विवेचना के लिए लिए फारेंसिक साइंस लैब की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह डा. राजौरा ने बताया कि ग्वालियर सहित चार लैब कार्य कर रही हैं। रीवा और रतलाम में भी लैब की स्वीकृति मिल गई है। वर्तमान में प्रति माह छह सौ सैंपलों की जांच की जा रही है। इस पर जस्टिस ने जांच क्षमता एक हजार प्रतिमाह तक करने को कहा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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