भोपाल। शाहजहांनाबाद की पुरानी टंकी आखिरकार तीसरे दिन शुक्रवार को पूरी तरह से जमीदोज हो गई। तीसरे दिन मेनुअली तोड़ने का काम किया गया।

गत बुधवार से टंकी को तोड़ने की कवायद जारी थी, पहले दिन विस्फोटक लगाकर इसे ढहाने का प्रयास किया, लेकिन टंकी खड़ी रही। फिर गुरुवार को बारूद लगाकर तोड़ने का प्रयास किया गया, इसके बाद भी टंकी एक तरफ झुक गई। फिर गुरुवार शाम को पोकलेन से टंकी को ढहाने के दौरान मशीन का अगला हिस्सा टंकी में दब गया। जिसे तीसरे दिन मेनुअली तोड़कर जमीदोज कर दिया गया। बता दें कि टंकी में दो बार में कुल 35 किलो बारूद का उपयोग किया गया था। टंकी से लगी घनी आबादी के कारण ज्यादा बारूद का उपयोग नहीं किया गया। टंकी का निचला हिस्सा मजबूत होने से मुश्किल हुई।

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