भोपाल। दो साल के लिए सेवानिवृत्ति पर लगी रोक हटने का समय नजदीक आते ही प्रदेश के कर्मचारियों को पदोन्न्ति की चाह सताने लगी है। अतिरिक्त दो साल सेवा का मौका मिलने के बाद भी कर्मचारी चाहते हैं कि वे पदोन्न्त होकर ही रिटायर्ड हों, इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार से गुहार लगाई जा रही है। शिवराज सरकार ने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा दो साल बढ़ाई है। यह अवधि मार्च 2020 में पूरी हो रही है। अप्रैल से सेवानिवृत्ति का सिलसिला शुरु हो जाएगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को मप्र लोक सेवा (पदोन्न्ति) नियम 2002 खारिज कर दिया है। इसके बाद से प्रदेश में पदोन्न्ति पर रोक लगी हुई है। इस अवधि में करीब 55 हजार कर्मचारी बगैर पदोन्न्ति रिटायर्ड हो गए हैं।

यदि सरकार सेवानिवृत्ति आयु सीमा नहीं बढ़ाती तो अब तक 25 से 30 हजार और कर्मचारी रिटायर्ड हो जाते। शिवराज सरकार के इस फैसले से कर्मचारी संतुष्ट दिखाई दे रहे थे, लेकिन सेवानिवृत्ति की घड़ी नजदीक आते ही कर्मचारियों की बैचेनी सामने आने लगी है। वे फिर से पदोन्न्ति की बात करने लगे हैं।

इसे लेकर उनका ज्ञापन सौंपना, मंत्रियों और अधिकारियों से मिलना शुरू हो गया है। वे चाहते हैं कि काम किसी भी पद पर रहते हुए करते रहे हों, लेकिन सेवानिवृत्ति से पहले पदोन्न्ति मिल जाए तो वरिष्ठ पद के लाभ मिलने सहित वरिष्ठ तो कहें जाएंगे। अभी कई कर्मचारी उसी पद पर कार्यरत हैं, जिस पर वे भर्ती हुए थे।

वरिष्ठ पदों का ज्ञान रखने वाले नहीं बचेंगे

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अप्रैल 2020 से सेवानिवृत्ति फिर शुरू हो जाएगी। अधिकारी और कर्मचारी तेजी से सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में वरिष्ठ पदों का ज्ञान रखने वाले नहीं बचेंगे। तब सरकार चलाने में दिक्कत होगी। क्योंकि लिपिकों का काम बढ़ गया है और उस अनुपात में कर्मचारियों की भर्ती हो नहीं रही। यदि सरकार नए कर्मचारी भर्ती करती भी है, तो वे वरिष्ठ पदों का काम नहीं कर पाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में है सरकार की अर्जी

कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश के कर्मचारियों को सशर्त पदोन्न्ति देने की अर्जी लगाई है, लेकिन कोर्ट ने अब तक अर्जी को स्वीकार नहीं किया है। जिसे देखते हुए इस संबंध में जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद कम ही लगती है। सरकार ने लोकसभा चुनाव के बाद कोर्ट में यह अर्जी दाखिल की है।

- प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के पदोन्न्ति के रास्ते खुलने चाहिए। इसे लेकर समय-समय पर हम सरकार से गुहार लगाते रहे हैं। कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा दो साल बढ़ाए जाने के बाद से सेवानिवृत्ति पर डेढ़ साल से रोक लगी हुई थी। अप्रैल 2020 के बाद से स्थिति फिर बिगड़ेगी। उससे पहले सरकार को कोर्ट से मंजूरी लेकर पदोन्न्ति शुरू करना चाहिए। - लक्ष्मी नारायण शर्मा, महामंत्री, मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ

- सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारियों को पदोन्न्ति देना बेहद जरूरी है। वे पूरा जीवन सेवा में लगा चुके हैं और उन्हें अपना हक भी न मिले तो गलत है। सरकार को इस बारे में सोचकर रास्ता निकालना चाहिए। - रमेश राठौर, अध्यक्ष, मप्र संविदा कर्मचारी महासंघ

Posted By: Sandeep Chourey