भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू ) की भोपाल इकाई का पहली बार ऐसा अनुभव रहा होगा, जब उसकी टीम पर छापा मारने के दौरान घर वालों ने अभद्रता और झूमाझटकी की हो। चिकित्सा शिक्षा विभाग का उच्च श्रेणी लिपिक और उसके परिवार ने इओडब्ल्यू टीम के साथ से छापे के दौरान अभद्रता की हदें पार कर दी थी। हीरो केसवानी और उसके परिवार के सदस्यों ने टीम के हाथ से सर्च वारंट का छीनकर उसे फाड़ने की कोशिश की। हालांकि बाद में जब परिवार की एक नहीं चली तो लिपिक ने बीमार होने का नाटक किया। अब ईओडब्ल्यू ने इस मामले की बैरागढ़ थाने में शिकायत कराई है। इस पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा की धाराओं में हीरो केसवानी समेत परिवार के सदस्यों पर केस दर्ज कर लिया है।

इधर, परिवार की इस हरकत के बाद से ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ा। टीम ने कार्रवाई को पूरा किया और 86 लाख 73 हजार पांच सौ बरामद किए। इसके अलावा चार लाख के जेवरात और दो बैंकों में खाते की जानकारी मिली थी। बता दें कि संत हिरदाराम नगर के मिनी मार्केट में रहने वाला हीरो केसवानी आलीशन कोठी के नीचे दुकानें बना रखी है। वह लक्जरी जिंदगी जीना पसंद करता था।

पार्टी में जाने के लिए ले रखी थी छुट्टी

जब कार्रवाई हुई तो हीरो केसवानी ने एक पार्टी में जाने के लिए छुट्टी ले रखी थी, लेकिन सुबह होते ही छापा पड़ गया। इस दौरान दौरान ईओडब्ल्यू की टीम के साथ झूमा-झटकी कर दी थी। इस पर हीरो केसवानी, उसकी पत्नी नैना और बेटों को नामजद आरोपित बनाया है।

वेतन से कहीं ज्यादा है आय

हीरो केसवानी की नौकरी के दौरान 50 लाख से ज्यादा वेतन मिला है। उससे कहीं ज्यादा आय निकल रही है। एजेंसी यह पता करने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार उसने यह रूपया किस तरह से कमाया, लेकिन वह किसी तरह से कुछ भी बता नहीं रहा है।

बैंक खातों से कुछ नहीं मिला, लाकर का भी नहीं चला पता

ईओडब्ल्यू टीम दो दिनों बाद भी पुलिस हीरो केसवानी की बैंक खातों से कुछ खास जानकारी नहीं जुटा सकी है। उसके बाकी सदस्यों के किस बैंक में खाते हैं, उसकी जानकारी भी पुलिस पता करने में लगी है।

Posted By: Ravindra Soni

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