भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। व्यक्तित्व विकास के लिए आत्मविश्वास और शिष्टाचार सबसे पहली शर्त है। समय के साथ चलना, सामान्य ज्ञान अर्जित करना और प्रभावी लेखन हमारा व्यक्तित्व निखारने में मदद करता है। राजधानी के उपनगर बैरागढ़ में स्‍थित संत हिरदाराम कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने यह बात कही।

महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा ड्रीम्स ग्लोबल फाउंडेशन, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में बी.कॉम. ऑनर्स एवं बी.बी.ए. पाठ्यक्रम की प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए व्यक्तित्व विकास विषय पर छह दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर विशेषज्ञों ने यह बात कही। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर आत्मविश्वास को बढ़ाकर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. डालिमा पारवानी ने कहा कि छात्राओं को वर्तमान के व्यवसायिक परिदृश्य को समझना अति आवश्यक है ताकि वह महत्वपूर्ण मुख्य बिन्दुओं को जानकर अपना भविष्य निर्माण कर सके। यह कार्यशाला इस हेतु कारगर सिद्ध होगी, ऐसा मेरा विश्वास है।

तेजी से बदलते परिदृश्य में अपडेट रहना जरूरी है

कार्यशाला की मुख्य वक्ता डायरेक्टर, ड्रीम्स ग्लोबल फाउंडेशन सुश्री श्वेता केसवानी ने कहा कि तेजी से बदलते परिदृश्य में खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है। हर क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहा है। इसकी जानकारी छात्राओं को होना चाहिए। इससे आपको व्यक्तित्व निखारने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रभावी संप्रेषण कला, संवाद संबंधी शिष्टाचार, प्रभावी लेखन, शब्दों की प्रभावशीलता और शब्दावली की उपयोगिता, ई-मेल लेखन एवं आभासी संचार को जीवंत उदाहरण सहित प्रभावी ढंग से बताया। कुल 100 छात्राएँ इस कार्यशाला में व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को समझकर व्यक्तित्व विकास संबंधी ज्ञान अर्जित कर लाभान्वित हुईं। समस्त छात्राओं के लिए यह कार्यशाला ज्ञान एवं ऊर्जा से परिपूर्ण रही। कॉलेज के निदेशक हीरो ज्ञानचंदानी ने सफल आयोजन के लिए समस्त वाणिज्य विभाग एवं छात्राओं को हार्दिक बधाई देकर सभी के उज्‍ज्‍वल भविष्य की कामना की।

Posted By: Ravindra Soni

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