Family Court Bhopal भोपाल। शादी से पहले जो प्रोफेशन आकर्षण का केंद्र था, वह शादी के बाद जी का जंजाल बन गया। पति का प्रोफेशन ही रिश्ते में अलगाव का कारण बन गया। प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे पति के 15 से 16 घंटे की नौकरी करने के कारण पत्नी ने पति से तलाक मांग लिया। मामला कुटुंब न्यायालय तक पहुंच गया, जहां काउंसिलिंग में दोनों ने अपने-अपने तर्क रखें। पत्नी की शिकायत है कि पति के लिए नौकरी सबकुछ है। पति का ऑफिस से घर आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं हैं। घर से ऑफिस कभी भी बुला लिया जाता है। वहीं, पति का तर्क है कि जॉब के कारण वह मजूबर है। दोनों की शादी 2017 में हुई थी, लेकिन साथ में सिर्फ दो माह ही रहें। परेशान होकर पत्नी मायके चली गई। वह अब सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है।

ससुराल वाले पढ़ाई नहीं कराना चाहते : पत्नी ने कहा कि वह दिल्ली में रहकर नेट और यूपीएससी की तैयारी करना चाहती है, लेकिन ससुराल वाले पढ़ने नहीं देना चाहते। पत्नी ने शर्त रखी है कि अगर वह ससुराल में रहेगी तो यूपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग करेगी, जबकि पति इससे इंकार कर रहा है। पत्नी का कहना है कि पति के ऑफिस से आने-जाने का निश्चित कोई समय नहीं हैं। सुबह 10 बजे से ऑफिस गए तो रात के 12 से 2 बजे के बीच ही घर आते हैं। ऐसे में मेरे घर में रहने का पति के लिए कोई मतलब नहीं हैं। अगर पति सरकारी नौकरी की तैयारी करें तो सुबह से शाम तक ऑफिस का समय रहेगा।

प्रोफेशन बदल नहीं सकता : पति ने कहा कि शादी के बाद पत्नी मेरे घर में सिर्फ दो माह तक रहीं। इतने दिनों में घर का कोई काम नहीं किया। मेरे जॉब को लेकर हमेशा लड़ाई करती है, जबकि जॉब के बारे में शादी से पहले ही बता दिया था। अब मेरे प्रोफेशन को बदलने के लिए कहती है और मुझे सुबह 10 से शाम 4 बजे की नौकरी ज्वॉइन करने के लिए कहती हैं, जबकि इस क्षेत्र में रूचि होने के कारण मैंने इस प्रोफेशन को चुना। ऑफिस से घर आते ही पत्नी के सवालों के जवाब से परेशान हो जाता हूं, इससे लड़ाई होती है।

पत्नी यूपीएससी की तैयारी कर रही है और पढ़ना चाहती है, जबकि ससुराल वाले उसे पढ़ाना नहीं चाहते हैं। वह पति के 15-16 घंटे की नौकरी करने से भी परेशान है। काउंसिलिंग करेंगे। -शैल अवस्थी, काउंसलर, कुटुंब न्यायालय

Posted By: Prashant Pandey

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