- पत्रकारिता विवि के कुलपति संजय द्विवेदी ने की नवदुनिया से विशेष बातचीत

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हम प्रयास करेंगे कि हमारे कार्यकालय में पत्रकारिता विश्वविद्यालय भारतीय भाषाई पत्रकारिता के प्रशिक्षण के सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सके। इसके लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।

शनिवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर नवदुनिया से विशेष चर्चा के दौरान माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. संजय द्विवेदी ने कही।

विश्वविद्यालय के कुलपति के नाते आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं?

कुलपति : सबसे पहली प्राथमिकता है बिशनखेड़ी में 50 एकड़ में निर्माणाधीन परिसर में नए सत्र का शुभारंभ। यह एक ऐसा स्वप्न है, जिसे हम अरसे से देख रहे हैं। यहां सही मायने में विश्वविद्यालय आकार लेगा और अपने सपनों में रंग भर सकेगा। दूसरी प्राथमिकता है कोविड-19 की चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक परीक्षाओं और नए विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा करना। तीसरी प्राथमिकता है विश्वविद्यालय को भारतीय भाषाई पत्रकारिता के प्रशिक्षण के सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना।

लंबे समय से विवादों में रहे विश्वविद्यालय की कमान आपको मिली है,कितनी मुश्किल है यह कुर्सी विचारों की विविधता को विवाद का नाम मत दीजिए?

कुलपति : यह पत्रकारिता का विश्वविद्यालय है, देशभर के विद्यार्थी यहां आते हैं। उनके विविध विचार होते हैं। वे सवाल भी करते हैं। सवाल करना तो पत्रकारिता का मूल है, सो इसे विवाद कहना ठीक नहीं है। अन्य अनुशासनों के विद्यार्थियों की तरह वे सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं पढ़ते। देश, समाज, राज्य और राजनीति के अलावा देश के विविध संकटों पर बात करते हैं। मुझे लगता है विचारों की विविधता लोकतांत्रिकता का प्रतीक है। इसका स्वागत कीजिए।

शिक्षकों, विद्यार्थियों पर एफआईआर और अन्य विवादों पर आप कुछ कहेंगे?

कुलपति : मुझे लगता है अब कोरोना संकट के बाद पूरी मानवता के सामने नए तरह के प्रश्न हैं। हमें भी पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ना होगा, जो हो गया, वह बीत गया। सुंदर आज और बेहतर कल के लिए हमें काम करना है। अपनी संस्था और विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ना है। मैं, यही कह सकता हूं कि विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी व्यक्ति को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। हम सबकी बात सुनेंगे। सबके सम्मान की रक्षा करेंगे। सबको साथ लेकर चलेंगें।

मीडिया शिक्षा के सामने कैसी चुनौतियां हैं?

कुलपति : शिक्षा क्षेत्र के सामने जो चुनौतियां हैं, कमोबेश वही मीडिया शिक्षा के सामने भी हैं। इस समय में जब हर व्यक्ति कम्युनिकेटर है। मोबाइल क्रांति ने पूरे समाज में मीडिया के इस्तेमाल करने की आदतें, पठनीयता में बहुत बदलाव लाया है। तब हमें अपने पारंपरिक मीडिया माध्यमों की उपयोगिता बनाए रखने के लिए नए रास्ते तलाशने होंगे। खबर से आगे और उसके आगे हम क्या दे सकते हैं, उस पर सोचना होगा। संचार के व्यापक परिदृश्य में सार्थक हस्तक्षेप के लिए हमें ज्यादा जीवंत और ज्यादा चैतन्य लोग गढ़ने पड़ेंगे जो आज की भाषा में आज के साधनों से संवाद कर सकें।

अपने विविध परिसरों के लिए आपकी योजनाएं क्या हैं?

कुलपति : भोपाल, रीवा, खंडवा तीनों परिसरों के लिए हमने प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। गत वर्ष बंद हुए सभी बैचलर पाठ्यक्रमों में इस साल प्रवेश होंगे। एमफिल का पाठ्यक्रम भी चलेगा। पूर्व कुलपति इसका निर्णय करके गए थे कि इस सत्र से सभी पाठ्यक्रम चालू होंगे। अब कोराना संकट के मद्देनजर सुरक्षित शारीरिक दूरी के मानकों का भी ख्याल रखना है, सो जल्दी से जल्दी हम नए परिसर में जाएंगें ताकि ज्यादा कक्षाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ नया सत्र प्रारंभ कर सकें। रीवा में भी परिसर का निर्माण हो रहा है। वहां भी हम शीघ्र अपने भवन में होंगे। खंडवा में सरकार से जमीन लेने की प्रक्रिया प्रारंभ हुयी थी उसमें तेजी लाएंगें।

लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चलीं, उनके अनुभव क्या हैं?

कुलपति : लॉकडाउन के दौरान हमारे अध्यापकों ने बहुत शानदार काम किया है। सभी कक्षाएं चलीं और यह पीढ़ी तकनीकदक्ष है, इसलिए उसने रुचि लेकर इन कक्षाओं में अध्ययन भी किया है। हमारी प्रोडक्शन टीम और प्रोड्यूसर्स के मार्गदर्शन में 250 से अधिक सुंदर और विविध विषयों पर केंद्रित वीडियो तैयार किए गए हैं, जो उपलब्धि हैं। देश के बेहद सामान्य परिवारों से बहुत प्रतिभावान विद्यार्थी यहां आते हैं। यह साधारण नहीं हैं कि विश्वविद्यालय की इन तीन दशकों की यात्रा में देश के हर मीडिया संस्थान में शिखर पदों पर हमारे पूर्व विद्यार्थी नेतृत्वकारी भूमिका में हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना