भोपाल। सीहोर जिले में 11 साल पहले वन भूमि पर निजी व्यक्ति द्वारा कुआं खोदे जाने पर वनकर्मियों ने दो लोगों को पकड़कर जेसीबी मशीन को जब्त किया था लेकिन उन्हें जेसीबी सुपुर्द भी कर दी। मामले को लेकर सीहोर जिले के वन अधिकारियों ने कई सालों तक सुध नहीं ली और दस साल बाद अचानक प्रकरण खुला जिसमें कुछ वनकर्मियों की विभागीय जांच शुरू हुई और कुछ समय बाद उसे रफा-दफा कर दिया।

प्रकरण की मूल फाइल ही वन विभाग के कार्यालय से गायब कर दिए गए। लोकायुक्त में यह मामला आया तो जस्टिस एनके गुप्ता ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। शुक्रवार को इस मामले में चार आईएफएस अधिकारियों सहित सात अधिकारियों व कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से दो अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक 22 सितंबर 2008 को सीहोर जिले की एक वन भूमि पर रामबख्श यादव नामक व्यक्ति जेसीबी से कुआं खुदवा रहा था। इस बीच वहां बीएस शाक्य और कुछ अन्य वनकर्मी पहुंच गए। उन्होंने जेसीबी चला रहे ड्राइवर और एक अन्य को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।

इधर, राज्य वन सेवा के वीवी सिंह तत्कालीन उप वन मंडलाधिकारी, रेंजर सुनील कुमार जैन व डिप्टी रेंजर बीएस शाक्य ने जेसीबी की जब्ती कर उसे आरोपितों को ही सुपुर्द करने की कार्रवाई की लेकिन आरोपितों के जेल चले जाने पर जेसीबी वहीं पड़ी रही। कुछ दिन बाद जेसीबी घटनास्थल से गायब हो गई।

2008 के बाद कई सालों तक सीहोर जिले के वन अधिकारियों ने इस मामले की सुध तक नहीं ली। इस दौरान वहां जिला वन मंडलाधिकारी के रूप में विजय कुमार नीमा, मनोज कुमार अग्रवाल, अशोक कुमार सिंह और यूके सुबुद्धि आए लेकिन जेसीबी की जब्ती और वन भूमि पर कुआं खोदने के प्रकरण पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। विजय कुमार नीमा व अशोक कुमार सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

यूके सुबुद्धि ने भी प्रकरण से जुड़े बीएस शाक्य और कुछ अन्य वनकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की लेकिन जेसीबी जब्त करने, गायब होने व वन भूमि में कुआं खोदने को लेकर कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की। सुबुद्धि ने विभागीय जांच का अपने कार्यकाल में ही निपटारा कर दिया। सीहोर के जिला वन मंडलाधिकारी कार्यालय में इस मामले से जुड़ी फाइल ही गायब हो गई और जिला न्यायालय में लंबे समय तक प्रकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।

लोकायुक्त में शिकायत पर कार्रवाई

लोकायुक्त जस्टिस गुप्ता को कन्हैयालाल नामक व्यक्ति ने मामले की शिकायत की तो परीक्षण के बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। लोकायुक्त पुलिस ने सीहोर जिले के सात वन अधिकारियों सुबुद्धि, अशोक कुमार सिंह, मनोज कुमार अग्रवाल, विजय कुमार नीमा, वीवी सिंह, सुनील कुमार जैन व बीएस शाक्य, निजी व्यक्ति रामबख्श यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 7, 13 (1), 13 (2), आईपीसी की धारा 120 (बी), 420, 468, 471 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

Posted By: Hemant Upadhyay