भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। न्यूमार्केट इलाके के बेतवा अपार्टमेंट परिसर में बने एक फ्लैट में आग लगने से सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे दीवार के परखच्चे उड़ गए और इसमें बड़ा छेद हो गया। बम की तरह तेज धमाका होने से पड़ोसी भी दहशत में आ गए और घर छोड़कर बाहर निकल आए। इस दौरान घर में लगे एसी, एलईडी, फ्रिज व इलेक्ट्रानिक उपकरण समेत ग्रहस्थी का अन्य सामान जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि हादसे के समय घर पर कोई नहीं था। जब अग्निशमन अमला मौके पर पहुंचा तो यहां ताला लगा हुआ था। इसके बाद दमकलकर्मियों ने ताला तोड़कर आग बुझाई।

दमकलकर्मियों ने बताया कि बेतवा अपार्टमेंट परिसर में तीन मंजिला त्रिवेणी काम्प्लेक्स है। इसकी पहली मंजिल पर बने फ्लैट में एक निजी स्कूल में शिक्षिका नुसरत जहां अकेली रहती हैं। सोमवार सुबह वह घर में ताला लगाकर स्कूल चली गई थीं। पड़ोसियों ने बिल्डिंग में आग की लपटें देखकर सुबह 11.30 बजे इसकी सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी थी। इसके बाद मौके पर माता मंदिर और बोगदा पुल से दो फायर फाइटर वाहन भेजे गए। जब दमकलकर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और फ्लैट में चढ़ रहे थे, उसी समय सिलेंडर फटने से बम की तरह धमका हुआ। जब ऊपर जाकर दमकलकर्मियों ने देखा तो पता चला कि सिलेंडर फटा है।

किचन में रखा था दूसरा सिलेंडर

संभावना जताई जा रही है कि एसी में शार्ट सर्किट से आग लगी होगी। इसके बाद बेडरूम से होते हुए गैलरी तक पहुंची होगी। यहां एक भरा हुआ सिलेंडर रखा था। आग की वजह से इसमें विस्फोट होने से दीवार का प्लास्टर उखड़ने के साथ इसमें छेद हो गया। इसके बगल में किचन था, वहां भी एक सिलेंडर रखा हुआ था। दमकलकर्मियों ने सबसे पहले इस सिलेंडर को बाहर निकाला और एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। यदि दूसरा सिलेंडर फटता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इस दीवार के बगल से ही बैंक लगा हुआ था। सिलेंडर फटने से नुसरत जहां के अलावा दूसरी मंजिल पर स्थित दो फ्लैट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं। आग की लपटों की वजह से दीवार काली हो गई है।

सावधानी बरतने से ही बचाव

कोलार फायर स्टेशन प्रभारी पंकज खरे ने बताया कि पिछले दो वर्षों में कोलार में कोई बड़ी आग की दुर्घटना नहीं हुई। इसकी वजह है कि हम लोग कालोनियों में जाकर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। आम जनता से निवेदन है कि जब वह घर से बाहर जाएं तो गैस सिलेंडर का रेगुलेटर बंद और बिजली की एमसीबी बंद कर के निकलें। यदि ऐसा करते हैं, तो आग लगने या इससे नुकसान की संभावना 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

Posted By: Ravindra Soni

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