भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी के पिपलानी क्षेत्र के आनंद नगर में सूदखोरी से परेशान एक परिवार के पांच लोगों ने गुरुवार रात जहरीला पदार्थ पी लिया। बाद में परिवार की बड़ी बेटी ने सुसाइड नोट और वीडियो बनाकर उसे अपने परिवार, स्कूल और कालेज के वाट्सएप गु्रप पर वायरल कर दिया। वायरल संदेश पढ़ने और वीडियो देखने के बाद देर रात परिजन और मित्र उनके घर पहुंचे। इसके बाद पांचों लोगों को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह दादी और पोती की मौत हो गई। शनिवार सुबह एक और पोती ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में धारा 306 के तहत सूदखोर बबली, उसकी बेटी रानी, बहन प्रमिला और उर्मिला के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है।

पिपलानी थाना प्रभारी अजय नायर के मुताबिक गुरुवार रात 11.30 बजे डायल 100 के जरिए सूचना मिली कि आनंद नगर में संजीव जोशी (47) के परिवार ने जहर खा लिया है। पुलिस पहुंची तो संजीव समेत उनकी पत्नी अर्चना जोशी (45), उनकी मां नंदनी (67), बेटी ग्रेशिमा (19) और पूर्वी (16) सभी बेसुध पड़े थे। परिजनों की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार सुबह 11.30 बजे छोटी बेटी पूर्वी ने दम तोड़ दिया। बाद में दोपहर करीब डेढ़ बजे संजीव की मां नंदनी की भी मौत हो गई। ग्रेशिमा की तबीयत नाजुक बनी हुई थी। शनिवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया। अर्चना और संजीव की हालत स्थिर है। टीआइ का कहना था कि सभी ने कोल्ड ड्रिंक्स में मिलाकर चूहा मार दवा को पिया है। सुसाइड नोट से पता चल रहा है कि परिवार ने सूदखोरी से परेशान होकर यह कदम उठाया है।

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। परिवार ने 11 नवंबर को सूदखोरों द्वारा धमकाने का आवेदन पिपलानी थाना पुलिस को दिया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

इनका कहना है

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट मिलेे हैं। सूदखोरों द्वारा परेशान करने का आवेदन पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को मिला था, जिस पर कार्रवाई की गई थी। दो दिन पहले भी सूदखोरों ने धमकाया था। इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी।

- इरशाद वली, डीआइजी, भोपाल

बबली दुबे और उसकी बेटी रानी जाती थी वसूली करने :-

टीआइ अजय नायर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आनंद नगर में रहने वाली एक 40 वर्षीय महिला बबली दुबे ब्याज पर पैसा देने का काम करती है। वह और उसकी बेटी रानी यह दोनों ने संजीव जोशी व अर्चना जोशी को ब्याज पर रकम दी थी। वह लगातार दंपती और उनके परिवार को परेशान कर रही थी। बबली को फिलहाल हिरासत में ले लिया है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने किसी से पैसे लेकर उसे दिलवाए थे। उसकी बेटी की शादी थी, इसलिए वह उसके घर पैसे मांगने जाती थी। अर्चना जोशी ने अपने नोट में सूदखोरों के बड़े गिरोह का जिक्र किया है, जो पिपलानी से अशोकागार्डन तक फैला है। इस सूदखोरी मामले में करीब आठ लोगों के नाम उन्होंने लिखे हैं।

कौन है बबली आंटी

जोशी परिवार की बेटी ग्रीष्‍मा द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में जिस 'बबली आंटी' का जिक्र है, वह इलाके में सूदखोरी का कारोबार चलाती है। उसका इलाके के लोगों में बहुत खौफ है। वह लोगों को ऊंची ब्‍याज दरों पर पैसा उधार देती है और यदि कोई रकम नहीं चुका पाता तो उन्‍हें तरह-तरह से धमकाते हुए लगातार प्रताड़ित करती है। सुनने में आया है कि उसने वसूली के लिए गुंडे भी पाल रखे हैं। जोशी परिवार भी इस सूदखोर महिला के चंगुल में फंस गया, जिन्‍हें वह लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। उसकी प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार जोशी परिवार यह आत्‍मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो गया।

Posted By: Ravindra Soni

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