पहाड़ी मसालों की खुश्बू से सराबोर ट्रेजर्स फ्रॉम हिल्स फूड फेस्टिवल आरंभ

भोपाल।नवदुनिया रिपोर्टर

हरी-भरी वादियों वाले उत्तराखंड के हिल स्टेशन व दूरदराज में बसे गांव जितने खूबसूरत हैं उतने ही स्वादिष्ट व पौष्टिक वहां के व्यंजन भी हैं। शुद्घ घी व सरसों के तेल में हींग, मैथी और सरसों के छौंक से बनते गढ़वाली व्यंजनों की महक के साथ दस दिवसीय ट्रेजर्स फ्रॉम हिल्स फूड फेस्टिवल आरंभ हुआ है एमपी नगर स्थित एक होटल में। इसमें गढ़वाल के कई सौ साल पुराने खानपान के इतिहास की झलक देखने को मिलेगी, जोकि यहां के खाने को इंडो-आर्यन और इंडो-ईरानियन सभ्यता से जोड़ती है। एक्सपर्ट शेफ आशीष पंवार और दिनेश नेगी एक से बढ़कर एक डिशेज बनाएंगे।

ये डिशेज होंगी खास

सूपः पहाड़ी खरोदे का शोरबा, टमाटर टिमरू का शोरबा तथा सतावर का शोरबा। वेज कवाब गोथ के कवाब, पनीर पहाड़ी टिक्का, जिमीकंद की टिकिया, पिंडालु के कवाब, अखोद के कवाब, बुरांस के सींख नानवेज कवाबः कुटी मिर्च का मच्छी टि-ा, कुकड़े पहाड़ी टिक्का, पत्थर के शिकार, मच्छा फ्राई, देसी कुकड़ू फ्राई व टिमरू गोश्त की टिकिया।

चटनीः भांग की चटनी, तिल की चटनी व आलू का अचार।

वेज मेनकोर्सः सिसुआंग पनीर, पहाड़ी लिंगडा भिंडी, चैनसू,कंदाली का साग,फानू, गोथ की दाल, छेमी की दाल,आलू जकिया की गुटकी तथा भुज्जाी की थिनचवनी।

नानवेज मेनकोर्सः भेडू का शिकार, पहाड़ी चिकन कढ़ी, गाद की मच्छा।

रोटियां: कीमा परांठा, कोदी की रोटी, छोले की रोटी तथा मुंगरे बाजरा की रोटी।

चावलः भात,जकिया टिमरू पुलाव व कुकडू भात।

मीठाः सिंगुरी, झंगोरा की खीर, अरसा, बाल मिठाई तथा गुलगुला।

Posted By: Nai Dunia News Network

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