बृजेंद्र ऋषीश्वर, भोपाल। महानगरों की तर्ज पर भोपाल में भी ऑनलाइन ठगी से लोगों की जेब ढीली की जा रही है। ग्राहकों को लोन दिलाने के नाम पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड कराकर पहले उनकी बैंक संबंधित जानकारी ली जाती है, इसके बाद खाते से रकम निकाल ली जाती है। पिछले एक माह में लोन संबंधित तीन ठगी के मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सायबर क्राइम के जानकारों का मानना है कि लोन के लिए लगने वाले चार्ज और बैंक के चक्कर लगाने से बचने के लिए लोग निजी कंपनियों के ऐप के जाल में फंस जाते हैं। ये कंपनियां उनकी निजी जानकारियों का डाटा लीक कर देती हैं।

छोटे लोन लेने में धोखाधड़ी : सायबर एक्सपर्ट शोभित शर्मा का कहना है कि ज्यादातर लोग छोटे लोन लेने के लिए मोबाइल ऐप के जाल में फंस जाते हैं। 500 से लेकर 2 लाख रुपए तक के लोन देने का झांसा दिया जाता है। ग्राहक सोचते हैं कि ऐप के जरिए लोन लेने से उन्हें बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्राइवेट फाइनेंस कंपनियां लोन के लिए सबसे पहले अपने ऐप को ग्राहक के मोबाइल में डाउनलोड कराती हैं। डाउनलोडिंग के दौरान ऐप अनुमति मांगता है कि वह आपके सारे मैसेज, ओटीपी और व्‍हाट्सएप, मेल सब कुछ पड़ सकता है। इसकी अनुमति देने पर ऐप में आधार और पैन कार्ड को अपलोड करना होता है। इसके बाद कंपनी आधार व बैंक से लिंक एक मोबाइल नंबर मांगती है। सैलरी स्लिप नहीं होने पर बैंक का पिछले तीन माह का स्टेटमेंट और क्रेडिट स्कोर कंपनी खुद चेक कर लेती है। इसका फार्म भी ऑनलाइन भर लिया जाता है।

मोबाइल हैक कर साफ हो सकता है बैंक खाता : सायबर एक्सपर्ट शोभित का कहना है कि ग्राहक के मोबाइल पर लोन देने वाली कंपनी का एप्लीकेशन अपलोड है। वह इसके जरिए आपके निजी मेल, मैसेज आदि पढ़ सकती है। मोबाइल को हैक कर कंपनी आपका बैंक खाता भी साफ कर सकती है।

मोबाइल ऐप के जरिए लोन देने का झांसा देकर धोखाधड़ी की जा रही है। ऐप को डाउनलोड कर बैंक खाते, पिन और निजी जानकारियां लोन कंपनियों को न दें। - संदेश जैन, एएसपी (सायबर क्राइम)

केस -1 : दो लाख रुपए ठगे चार आरोपितों को पकड़ा पुलिस ने 22 दिसंबर को चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पीड़ित सुनीता सिंह और रूप सिंह ने पुलिस में शिकायत की थी, उनको लोन दिलाने के नाम पर दो लाख रुपए ठग लिए गए थे।

केस-2 : लोन देने का झांसा देकर 10 हजार रुपए ठगे कैपिटल पेट्रोल पंप के पीछे अशोकागार्डन में रहने वाले हरप्रीत सिंह को आरोपित अक्षत सेन और सन्नी ददगाल ने मोबाइल एप के जरिए लोन देने का झांसा देकर 10 हजार रुपए ठग लिए। पुलिस ने 21 दिसंबर को आरोपितों को गिरफ्तार किया।

केस-3 : फर्जी तरीके से क्रेडिट कार्ड बनाकर रुपए निकाले किन्ताली रजुलु के फर्जी दस्तावेज ऐप के माध्यम से निकले गए। इसका दुरुपयोग कर क्रेडिट कार्ड बनाया गया। इससे करीब 2 लाख 31 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

ऐसे बचें : बैंक संबंधी जानकारी न दें, ऐप के चक्कर में न फंसें सायबर क्राइम ब्रांच के एएसपी संदेश जैन कहना है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं तो अपने बैंक से संबंधित जानकारी किसी को न दें। यदि लोन चाहिए तो जिस बैंक में आपका खाता है, वहां लोन के लिए आवेदन करें। ऐप के चक्कर में न फंसें।

Posted By: Prashant Pandey

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