एम्स भोपाल द्वारा अगस्त में कराए गए 3 हजार लोगों पर सीरो सर्वे में सामने आई जानकारी

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

उज्जैन में अब तक भले ही 2369 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, पर हकीकत में करीब 11.9 फीसद लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। यह जानकारी एम्स भोपाल द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किए गए सीरो सर्वे में सामने आई है। सर्वे के लिए उज्जैन के तीन हजार लोगों के खून का सैंपल पिछले महीने एम्स भोपाल की टीम ने लिए थे। सैंपल लेने के बाद यहां के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एंटीबॉडी की जांच की गई। इसमें 11.9 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली है। यानी इन लोगों को कभी न कभी कोरोना हो चुका है। हॉटस्पाट क्षेत्रों में 16 फीसद सैंपलों में एंटीबॉडी मिली है। इस आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि शहर की कुल आबादी में 11.9 फीसद लोग संक्रमित हो चुके होंगे। बता दें कि वायरस से होने वाली किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए शरीर में स्थायी तौर पर एंटीबॉडी बनती हैं, जिससे संक्रमित होने का पता चलता है ।

एम्स के डॉयरेक्टर डॉ. सरमन ंिसंह ने बताया कि सीरो सर्वे की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान को सौप दी है। उन्होंने बताया कि तीन हजार लोगों के सर्वे के आधार पर यह अभी प्रारंभिक रिपोर्ट है। बाकी सैंपलों में एंटीबॉडी पता करने के लिए जांच चल रही है। उज्जैन में पहला मरीज 25 मार्च को मिला था। अब तक 2369 मरीज मिल चुके हैं, इनमें 84 की मौत हुई है। अप्रैल-मई में उज्जैन में कोरोना से मौत की दर बहुत ज्यादा थी। संक्रमण भी तेजी से फैल रहा था, इसलिए एम्स प्रबंधन ने सीरो सर्वे के लिए उज्जैन को चुना था। बता दें कि इंदौर में वहां के सरकारी र्मेडिकल कॉलेज द्वारा किए गए सीरो सर्वे में 7 फीसद लोगों में एंटीबॉडी मिली थी।

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अंगों पर कोरोना का असर जानने के लिए एम्स में 10 शवों का पोस्टमार्टम

भोपाल। कोरोना का शरीर के विभिन्न अंगों पर असर जानने के लिए एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में 10 शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। ड़ेढ महीने पहले यह अध्ययन शुरू किया गया था। शोध के लिए कम से कम 10 शवों का परीक्षण किया जाना था। पोस्टमार्टम के दौरान शवों पैथोलॉजिकल और माइक्रोबायोलॉजिक जांचों के लिए सैंपल भी लिए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद शोध पत्र तैयार किया जाएगा। इसमें करीब महीने भर लगेंगे। इस शोध में सिर्फ उन्हीं मरीजों के शव लिए गए थे, जिनकी मौत एम्स में हुई थी। जिन

शवों का पोस्टमार्टम किया गया है वह सभी पुरुषों के थे। एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि महिलाओं की मौत कम हुई है। दूसरा उनके परिजन ने सहमति भी नहीं दी, इस कारण सिर्फ पुरुषों के शव लिए गए थे। एम्स के डायरेक्टर डॉ. सरमन सिंह ने कहा कि परिजन सहमति देंगे तो इससे भी ज्यादा शवों का परीक्षण करेंगे।

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तरल ऑक्सीजन न मिलने के कारण

ऑक्सीजन सप्लाइ ठप होने के कारण बंद पड़े मंडीदीप स्थित ऑक्सीजन प्लांट में रखे सिलेंडर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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