भोपाल। हमारी ज्ञान पंरपरा में हर समस्या का समाधान है। भारतीय चिंतन में सम्पूर्ण सृष्टि का सत्य समाया है। आवश्यकता उसकी वैज्ञानिकता को समाज के सामने प्रस्तुत करने के लिए शोध और अनुसंधान की है। यह बात राज्यपाल लालजी टंडन ने आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित अखिल भारतीय दर्शन परिषद के तीन दिवसीय 64 वें अधिवेशन में कही। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया में सामाजिक और राजनैतिक परिवर्तन रक्तपात से हुए लेकिन हमारे देश में बड़ी से बड़ी राजनैतिक और सामाजिक समस्या का समाधान शास्त्रार्थ से हुआ।

लालजी टंडन ने कहा कि भारतीय दर्शन का सार तत्व जो शरीर में है, वहीं ब्रम्हाण्ड में है। उन्होंने कहा कि आत्मा की अमरता की हजारों वर्ष पुरानी मात्पता आज के जैसे दिवस विज्ञान में जीन के रूप में सत्य हो रही है। टंडन ने कहा कि भारतीय जन-मानस की दार्शनिक ज्ञान की समृद्घता अद्भुत है। जिस युग में समस्त ग्रंथ, ग्रंथालय और शिक्षालय जला दिए गए थे, उस युग में भी भारतीय ज्ञान परम्परा की निरंतरता बनी रही। राज्यपाल ने अपेक्षा की कि दर्शन परिषद के अधिवेशन का चिंतन इस दिशा में सार्थक प्रयास करेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network