- दो दिन से सुबह के समय भी एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के करीब

- कोहरे जैसी धुंध, बादलों की ऊंचाई कम होने के कारण बढ़ा प्रदूषण

- स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी के हजारों लोग सुबह की जिस शुद्ध हवा के लिए घर से घूमने निकलते हैं, उसी हवा की सेहत बिगड़ गई है। दो दिन से हवा में धूल के कण व खतरनाक हैवी मैटल का स्तर तय मापदंड से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। इसके कारण हवा की शुद्धता बताने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 के करीब पहुंच रहा है। इसका मतलब होता है हवा बहुत अशुद्ध है। इसी हवा को सुबह घूमने वाले हजारों लोग ले रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। सुबह की तुलना में दिन में भी हवा की शुद्धता अच्छी नहीं है, लगातार प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। ठंड के साथ-साथ नमी बढ़ने, कोहरे की तरह धुंध छाने और बादलों की ऊंचाई कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह 7 बजे एक्यूआई 285 था, जो शाम को 274 तक आ गया। रविवार सुबह भी यही स्थिति थी। एक्यूआई धूल के कण, हैवी मैटल, खतरनाक गैसीय मिश्रण व धुएं का स्तर बढ़ने के कारण बढ़ा हुआ है। पीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का 336 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है, जो कि 60 होना चाहिए। भोपाल की हवा में इनका स्तर दो दिन से बढ़ा हुआ है, ये बारीक धूल के कण होते हैं। इनमें अन्य तरह के खतरनाक गैसीय मिश्रण भी होते हैं, जो फेफड़ों को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं। दमे और फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए इनका बढ़ा हुआ स्तर ठंड के दिनों में गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, पीएम-10 का स्तर बीते एक महीने की तुलना में 450 से घटकर 286 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर आया है, जो अभी भी तय मापदंड 100 से 186 अधिक है। ये धूल के बड़े कण होते हैं, जो पूरे श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।

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-: शहर में सोमवार सुबह 7 बजे हवा में धूल व हैवी मैटल का स्तर :-

हैवी मैटल/धूल कण ये था स्तर ये होना चाहिए

पीएम-2.5 336 60

पीएम-10 286 100

एनओ-2 190 80

सीओ 120 2000

ओजोन 175 180

(नोट :- धूल के कण व हैवी मैटल का स्तर माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में है। ये आंकड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से लिए गए हैं।)

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- नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं

एक महीने पहले पीएम-10 का स्तर 400 तक पहुंच गया था, जो अब 250 तक आ गया है। इसका मतलब धूल का स्तर कुछ कम हुआ है। प्रदूषण के बाकी कारणों पर भी नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।

- एए मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी भोपाल

Posted By: Nai Dunia News Network

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