- करोंद क्षेत्र में दो साल से मानव सेवा के काम में जुटी त्रिदेवी मां वैष्णो जन कल्याण दरबार समिति

- अभी तक 500 से अधिक गर्भवती महिलाओं की कर चुकी है गोद भराई व सम्मान

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

वैसे तो सरकार और परिवार गर्भवती महिलाओं का ध्यान रखते हैं, लेकिन राजधानी के करोंद क्षेत्र में त्रिदेवी मां वैष्णो जन कल्याण दरबार समिति भी बीते दो साल से गर्भवती महिलाओं का ख्याल रख रही है। यह संस्था गर्भवती महिलाओं की देखभाल परिवार की तरह कर रही है। खुद गोद भराई का कार्यक्रम कर उनका सम्मान करती है और जरूरत पड़ने पर खुद की एंबुलेंस से अस्पताल भी पहुंचाती है। संस्था अभी तक 500 से अधिक गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कर चुकी है। बता दें कि गोद भराई एक संस्कार होता है, जिसमें महिला का फल, मिष्ठान आदि देकर सम्मान किया जाता है। साथ ही खुशी के मौके पर ऐसी महिलाओं के लिए पोष्टिक आहार भी भेंट किया जाता है।

त्रिदेवी मां वैष्णो जन कल्याण दरबार समिति के अध्यक्ष विनोद पलया ने बताया कि दो वर्ष पूर्व समिति पदाधिकारियों की बैठक में महिलाओं की गोद भराई का कार्यक्रम करने का विचार आया। इस कार्य के लिए सर्वसम्मति से समिति सदस्यों ने अपनी सहमति दे दी। इस कार्य में मेरी पत्नी और समिति से जुड़ीं महिलाओं ने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं से संपर्क किया। दो वर्ष पूर्व समिति के स्थापना दिवस पर दिसंबर माह के पहले गुरुवार को गोद भराई का कार्यक्रम तय किया। उस समय 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कर फूलमाला पहनाकर सम्मान किया गया। गोद भराई में सवा किलो नारियल का गोला, मिठाई, ड्राइफूड व पोषक आहार भेंट किया जाता है। धीरे-धीरे आसपास के क्षेत्र में गोद भराई के कार्यक्रम की पहुंच बढ़ने लगी। अब प्रत्येक महीने के पहले गुरुवार को होने वाले गोद भराई कार्यक्रम में 25 से अधिक महिलाएं शामिल होती हैं। यह सिलसिला अनवरत जारी है।

स्वयं के खर्चे से 24 घंटे एंबुलेंस सेवा

अध्यक्ष पलया ने बताया कि सरकार अपने स्तर पर जो कर रही है, वह ठीक है। लेकिन कई बार सरकार की सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता है। इसलिए समिति ने जिन महिलाओं को गोद भराई कर सम्मानित किया, उनकी सेवा में 24 घंटे स्वयं के खर्चे पर चार पहिया वाहन (मारुति वैन) लगा रखी है। किसी भी समय गर्भवती महिलाओं को जरूरत के मुताबिक अस्पताल तक पहुंचाया जाता है।

कैंसर, कुष्ठरोगियों की भी करते हैं सेवा

समिति अध्यक्ष विनोद ने बताया कि समिति स्वास्थ्य की दिशा में लगातार काम कर रही है। कैंसर पीड़ितों, कुष्ठरोगियों, गैस पीड़ितों का भी ध्यान रखते हैं। उनको आर्थिक मदद के साथ शासन से सुविधाएं दिलाने में भी प्रयास करती है। क्योंकि पीड़ित परिवार पहले से ही हैरान-परेशान रहता है। ऐसे में मदद करना जरूरी रहता है।

9 हजार से अधिक कन्याओं के करा चुके हैं पीले हाथ

समिति के तत्वावधान में 2006 से 2019 तक 9 हजार से अधिक गरीब व दिव्यांग युवतियों के पीले हाथ संस्था करा चुकी है। हर वर्ष 501 से अधिक कन्याओं के विवाह निशुल्क कराए जाते हैं। इसके लिए वर्ष भर पंजीयन किए जाते हैं। विवाह की सभी रस्में वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराई जाती हैं। इसके अलावा बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए कराटे सहित अन्य प्रतियोगिताएं भी कराते हैं। उन्हें जागरूक भी करते हैं।

मेरी भी लोगों ने मदद की

समिति अध्यक्ष विनोद ने बताया कि मैं शारीरिक रूप से दिव्यांग हूं। इसलिए हमारी भी क्षेत्र के लोगों ने काफी मदद की है। इसी से मुझे प्रेरणा मिली और सेवा कार्य में जुट गया। किसान परिवार से हूं। खेती किसानी से परिवार का भरण-पोषण होता है। इसमें से कुछ हिस्सा सेवा कार्य में लगाते हैं। इसमें कुछ सहयोग समिति के सदस्य भी करते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network