वैभव श्रीधर, भोपाल। कोरोना संकट के बीच मध्य प्रदेश के लिए अच्छी खबर यह है कि चार औद्योगिक संस्थान यहां जल्द ही ढाई हजार करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने जा रहे हैं। सीमेंट, गारमेंट और स्टील के क्षेत्र से जुड़ी चार कंपनियां यह निवेश करेंगी। सर्वाधिक दो हजार करोड़ रुपये का निवेश बुंदेलखंड क्षेत्र के पन्ना जिले में होगा। यहां जेके सीमेंट का कारखाना लगेगा। वहीं, भोपाल के अचारपुरा में रेडिमेड गारमेंट की इकाई लगाई जाएगी। चारों कंपनियों के माध्यम से प्रदेश के पांच हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा। वहीं, आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जब प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लागू था, तब सबसे बड़ी चिंता यही थी कि आर्थिक गतिविधियों को कैसे पटरी पर लाया जाएगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार अधिकारियों से संवाद भी कर रहे थे। इसी दौरान उद्योग विभाग ने 40 से ज्यादा कंपनियों से संपर्क साधा, जिसका फायदा यह हुआ कि कुछ कंपनियों के प्रस्तावों पर सहमति बन गई।

निवेश संबंधी कैबिनेट की समिति ने प्रस्तावों को मंजूरी देकर प्रोत्साहन पैकेज के मंजूरी भी दे दी। सीमेंट कंपनी से प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार तो 495 लोगों को ही मिलेगा पर अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे। गारमेंट उद्योग को बढ़ावा देने की नीति के तहत भोपाल के अचारपुरा में दो चरणों में गोकलदास एक्सपोर्ट्स कंपनी एक यूनिट की स्थापना करेगी। इसमें चार हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के माधवगढ़ गांव में सीमेंट ग्राइंडिंग परियोजना में तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। बालाघाट में मेसर्स रमणीक पॉवर एंड एलॉयज कंपनी स्टील से जुड़े काम का संयंत्र लगाएगी।

डालमिया सीमेंट और सिप्ला फार्मा क्षेत्र में होगा निवेश

इसके अलावा जल्द ही पांच-छह निवेश प्रस्तावों को और मंजूरी मिलने के आसार हैं। इसके लिए सभी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डालमिया समूह ने सीमेंट, सिप्ला कंपनी ने फार्मा और महिंद्रा समूह ने इलेक्ट्रिकल व्हीकल सहित अन्य उपकरण बनाने के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई है।

निवेश के लिए मध्य प्रदेश बेहतर

उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश हर दृष्टिकोण से निवेश के लिए सबसे बेहतर राज्य है। कोरोना संकट के दौरान कंपनियों से लगातार संवाद होता रहा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इसका लाभ यह हुआ कि निवेश प्रस्तावों पर सहमति बन गई। इससे न सिर्फ आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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