भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश के विश्‍वविद्यालयों व कॉलेजों में प्रारंभ हो रहे नए सत्र के लिए उच्‍च शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में सत्र 2021-22 की अध्ययन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिथि विद्वानों को दोबारा नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। फालेन आउट अतिथि विद्वानों (नियमित प्रोफेसर के आने के बाद अतिथि विद्वान) को विभाग पोर्टल के माध्यम से नियुक्त करेगा। इन अतिथि विद्वानों को कॉलेजों में प्रोफेसर, ग्रंथपाल और खेल अधिकारी के रिक्त पदों पर रखा जाएगा।

इस संदर्भ में अतिथि विद्वान महासंघ के अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह ने कहा है कि कोरोना काल में अतिथि विद्वानों के लिए आकस्मिक व चिकित्सा अवकाश के साथ-साथ अन्य सेवा शर्तों में सुधार किया जाना अत्यावश्यक हो गया है। महाविद्यालयीन जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वान कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. मायाराम अटल का कहना है कि सत्र 2021-21 की दोबारा नियुक्तियों के लिए स्पष्ट आदेश निकाले जाएं और उन आदेशों का सख्‍ती से पालन हो। अतिथि विद्वान महासंघ तात्कालिक राहत के रूप में सेवा शर्तों में सुधार के साथ-साथ बढ़ती महंगाई को देखते हुए यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार न्यूनतम मानदेय भुगतान की मांग कर रहा है। इस मामले में भी अतिथि विद्वानों को निराशा ही हाथ लगी है।

अतिथि विद्वान महासंघ व मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ आशीष पांडेय का कहना है कि वर्तमान सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि विद्वान नियमितीकरण का भरोसा दिलाया था। नियमितीकरण तो दूर आज तक फॉलेन ऑउट अतिथि विद्वानों को सेवा में वापस लाने के लिए और 450 पदों को स्वीकृति देने की दिशा में भी एक कदम नहीं बढ़ा सके हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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