Guna Case: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। गुना में चार काले हिरण और मोर के शिकार मामले में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने गुना पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटना को आदतन शिकारियों ने अंजाम दिया है। उनके खिलाफ इससे पहले भी शिकार के मामले दर्ज हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक गुना पुलिस ने शिकारियों से बरामद काले हिरण के शव, सिर और मोर के शव को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है। इसके बाद मामले को विस्तृत जांच के लिए एसटीएसएफ को सौंप दिया गया है। टीम दोपहर में गुना पहुंची और जांच शुरू कर दी है। वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने गुना डीएफओ से रिपोर्ट तलब की है। बताया जा रहा है कि जंगल में घटी इतनी बड़ी घटना की जानकारी उस बीट के वनरक्षक से लेकर गुना के बड़े वन अधिकारियों को भी नहीं थी। मामले में वन बल प्रमुख ने पूछा है कि मैदानी अमले और अधिकारियों को इस घटना की जानकारी क्यों नहीं मिली।

कंट्रोल रूम ने नहीं दी सूचना

ग्वालियर (नप्र)। जोनल पुलिस कंट्रोल रूम प्रभारी निरीक्षक दीपक यादव ने बताया कि घटना के संबंध में गुना कंट्रोल रूम ने जोनल को कोई सूचना नहीं दी। गौरतलब है कि पुलिस विभाग की सूचनाओं के आदान-प्रदान में पुलिस कंट्रोल रूम की प्रमुख भूमिका रहती है। जिले में गंभीर घटना होने पर जिला कंट्रोल रूम सूचना जोनल पुलिस कंट्रोल रूम को देता है। जोनल पुलिस कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी होती है कि वह जोन के अधिकारियों को सूचना से अवगत कराए। पहले जोनल कंट्रोल बंगले व आफिस के साथ सीधे संबंधित अधिकारी के मोबाइल पर फोन कर सूचना दे सकता है। अगर फोन नहीं लग रहा है तो संबंधित थाने के प्वाइंट को भेजकर सूचना दी जा सकती है।

Posted By: Prashant Pandey

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