Gupt Navratra 2022 : भोपाल,नवदुनिया प्रतिनधि। मनोकामना व साधना के लिए विशेष फलदायी माने जाने वाले गुप्त नवरात्र की शुरुआत 30 जून से होगी। इसकी तैयारियां मंदिरों में शुरू हो चुकी हैं। मंदिर प्रांगण में मातारानी की पूजा-अर्चना के लिए साफ-सफाई होने लगी है। माता मंदिर, मां वैष्णो देवी नौ दुर्गा मंदिर, शीतला माता मंदिर कोटरा, शीतला माता मंदिर टीलाजमालपुरा सहित अन्य मंदिरों में गुप्त नवरात्र की तैयारियां चल रही हैं। पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि इस बार गुप्त नवरात्र की शुरुआत कई शुभ योगों में हो रही है। इस बार कई विशेष संयोग रहेंगे। इस लिहाज से यह नवरात्र अत्यंत शुभ फलकारी होंगे। इसमें किए गए कार्य और अनुष्ठानों में विशेष सफलता मिलेगी। गुप्त नवरात्र में टीटी नगर के मां वैष्णों नौ दुर्गा मंदिर, माता मंदिर, जय भवानी मंदिर सहित शहर के सभी दुर्गा मंदिरों में पुजारियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। हवन व यज्ञ किए जाएंगे। नौ दिनों तक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना चलेगी। गुप्त रूप से मातराी की आराधना की जाएगी। अच्छी बारिश की मातारानी से कामना की जाएगी। जिससे खरीफ की फसल अच्छी हो सकें।

होता है गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व

पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि साल में चार बार नवरात्र आते हैं। इसमें दो नवरात्र प्रकट नवरात्र होते हैं, जबकि दो नवरात्र गुप्त नवरात्र होते हैं। चैत्र और अश्विन नवरात्र प्रकट नवरात्र होते हैं, इसमें मां आदिशक्ति की आराधना का विशेष महत्व है। इसी प्रकार माघ और आषाढ़ माह में जो नवरात्र आते हैं, वे गुप्त नवरात्र होते हैं। इसमें मनवांछित फल की प्राप्ति के लिए गुप्त साधना, मंत्र, तंत्र साधना आदि का विशेष महत्व माना गया है।

नौ दिनों तक चलेगी पूजा-अर्चना

गुप्त नवरात्र 30 जून से आठ जुलाई तक रहेंगे। इस तरह पूरे नौ दिन के नवरात्र रहेंगे। पांडित राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि गुप्त नवरात्र के पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग रहेगा। इसके साथ ही गुरुवार का दिन और पुर्नवसु नक्षत्र होने से इस दिन सिद्धि योग भी बनेगा। इस नवरात्र में इच्छित मनोकामना पूर्ति के लिए साधना का विशेष महत्व माना गया है। यह आषाढ़ी नवरात्र होते हैं।

Posted By: Lalit Katariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close