Guru Purnima 2021: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होने के बाद भोपाल शहर में पहला सार्वजनिक सांस्‍कृतिक कार्यक्रम शनिवार को गुरु पूर्णिमा पर्व के मौके पर रवींद्र भवन सभागार में आयोजित हुआ। इसमें सीमित संख्या में दर्शकों ने बैठकर प्रस्तुति का आनंद लिया। इस आयोजन के तहत कार्यक्रम की शुरुआत में आकाश गुंटीवार और उनके शिष्यों ने राग भैरव और राग मेघ की जबर्दस्‍त प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर सभागार में मौजूद श्रोता झूम उठे। इस प्रस्‍तुति के दौरान तबले पर मनोज पाटीदार और हारमोनियम पर जितेंद्र शर्मा ने संगत दी।

रवींद्र भवन के सभागार में दूसरी प्रस्तुति वी अनुराधा सिंह की कथक नृत्य की रही। अनुराधा ने गुरु वंदना, शिव वंदना, पांच लय में पद संचालन, तीन ताल में कथक, राग मियां मल्हार की रचना- 'बरसन लागी बदरिया सावन की" पर मंत्रमुग्‍ध करने वाला नृत्‍य पेश किया। उसके बाद राग कलावती पर आधारित ठुमरी-'मोहे छेड़ो ना" एवं राग हंसध्वनि पर तराना से अपनी प्रस्तुति को विराम दिया। अति द्रुत, परिष्कृत जटिल ताल पक्ष और सटीक भावों से सराबोर कर देने वाली विदुषी वी अनुराधा सिंह ने चमत्कृत कर देने वाली एकल कथक प्रस्तुति दी। सांगीतिक सभा के समापन में पंडित किरण देशपांडे ने तबले पर रूपक ताल प्रस्तुत की उसके बाद गायन में राग मधमाद सारंग में ख्याल प्रस्तुत किया, विलंबित रचना झपताल में और द्रुत रचना तीन ताल में निबंध थी।

गमक में रही मराठी भाव संगीत की धूम

उधर, गमक श्रृंखला में शनिवार को मराठी साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल द्वारा भाव संगीत प्रस्तुति का प्रसारण किया गया। मराठी गायन परंपरा में भाव संगीत का महत्वपूर्ण स्थान है। इसी के अंतर्गत स्वर गंधाली, ग्वालियर के कलाकारों द्वारा लोकप्रिय मराठी भाव संगीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में मुख्य कलाकारों कु. पूर्वी संदीप और पीयूष गोरे, गौरी गोरे ने गणेश वंदना से शुरुआत करते हुए सावन ऋतु के अवसर पर गाए जाने वाले विशेष गीतों में सूर निरागस हो..., चांदणे शिंपित जाशी चालता तू चंचले....., प्रथम तुज पाहता.... इत्यादि की प्रस्तुति से समा बांधा। संगतकार कलाकारों के रूप में अंकुर धारकर ने वायलिन पर, विकास विपट तबला, दीप गौड़ गिटार ने भी गायक कलाकारों का भरपूर साथ दिया। कार्यक्रम के सूत्रधार रहे अंकुर धारकर। कार्यक्रम का सफल आयोजन उदय परांजपे, निदेशक मराठी साहित्य अकादमी के मार्गदर्शन में हुआ।

गमक में आज : शाम सात बजे से कालिदास संस्कृत अकादमी द्वारा चित्रकला की पारंपरिक लोकशैलियां एवं प्रयोग विषय पर एकाग्र वरिष्ठ चित्रकार महावीर वर्मा, रतलाम का व्याख्यान होगा। अध्यक्षता वरिष्ठ चित्रकार मुकेश बिजौले, उज्जैन करेंगे। व्याख्यान का प्रसारण विभाग के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर लाइव होगा।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local