दारोगाजी : राजधानी पुलिस के एक उपनिरीक्षक आजकल बेहद परेशान हैं। उसकी परेशानी का कारण अपने एक अधिकारी को एक मंत्री से फोन करवाना है। उन्होंने थाना पाने के लिए एक दबंग मंत्री से अपने एक आला अधिकारी को फोन करवा दिया। फोन करवाने के बाद उन साहब को पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने उस पुलिस कर्मचारी को सीधे लाइन हाजिर कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद से उपनिरीक्षक महाशय अपने दोस्तों को यह किस्सा बड़े चाव से सुनाते हैं। बीच-बीच में वह गुलजार साहब का नाम भी लेते हैं कि जैसे 'मंजिलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग, हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता है।' अंदर की खबर यह है कि साहब का उस दिन मूड कुछ खराब था, इसलिए सब-इंस्पेक्टर को उस दिन लाइन भेज दिया। अन्यथा उन मंत्री साहब की बात कभी खाली नहीं जाती है।

कोरोना ने पुलिस के बॉडी बिल्डर को भी जकड़ा

कोरोना संक्रमण से बचने का एक ही तरीका है। मास्क पहनें, शारीरिक दूरी का पालन करें और सैनिटाइजर का उपयोग करें। वरना यह लापरवाही जानलेवा हो सकती है। इस बात को ऐसे भी समझ सकते हैं। पिछले दिनों मप्र पुलिस के बॉडी बिल्डर मोतीलाल दायमा भी कोरोना संक्रमित हो गए, जबकि उनकी शारीरिक ताकत का अंदाजा सभी को पता है। उनके शारीरिक सौष्‍ठव के सामने अच्छे-अच्छे हीरो भी नहीं टिकते हैं। उनको भी कोरोना ने जकड़ लिया था। कोरोना से संक्रमित होने के बाद वह स्वस्थ होकर घर आ गए हैं। उन्होंने इंटरनेट मीडिया के जारिये इस बात की जानकारी दी, साथ ही लोगों को इस संक्रमण से बचाव करने का भी संदेश दे रहे हैं। अंदर की खबर यह है कि पुलिस पर संक्रमण का साया मंडरा रहा है कि वर्तमान में पुलिस के 69 जवान संक्रमित हैं और खतरा लगातार उनकी ओर भी बढ़ रहा है।

नए निरीक्षकों ने दो थानों पर ठोका दावा

राजधानी में दो थानों पर दो रसूखदार इंस्पेक्टरों ने थाना प्रभारी बनने के लिए अपना दावा ठोक दिया है। इसके लिए वह लगातार कोशिश में भी जुट गए हैं। ये दोनों इंस्पेक्टर मार्च के महीने में ही सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर के तौर पर पदोन्‍नत हुए हैं। जिन थानों के लिए लॉबिंग हो रही है, वहां के सीएसपी भी दो दिन पहले ही बदल दिए गए हैं। दोनों ही इंस्पेक्टर एक ही बैच के हैं। उनकी जोर-आजमाइश का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। दोनों को ही थाना प्रभारी बनने का इतना भरोसा हो गया है कि वह अपने साथियों को थानों के नाम तक बताकर हीरो बन रहे हैं। अंदर की बात यह है कि दोनों ही इंस्पेक्टरों की इस गपबाजी की खबर बड़े कप्तान साहब के कानों तक पहुंच गई है। ऐसे में इन दोनों इंस्पेक्टरों को थाना प्रभारी बनाना जाए या नहीं, अब उन पर निर्भर है।

सीएसपी और टीआइ में ठनी

राजधानी में एक संभाग के सीएसपी और उनके एक टीआइ के बीच ठन गई है। दोनों के बीच में एक रेस्टोरेंट को लेकर ठनी है। लॉकडाउन के बाद से टीआइ साहब एक रेस्टोरेंट को लगातार बंद करवा रहे थे, लेकिन उनके साहब की उसे मौखिक स्वीकृति थी। इस कारण से थाना स्तर पर उस रेस्टोरेंट संचालक पर कार्रवाई तो दूर की बात है, पुलिस ने उधर देखना भी बंद कर दिया थी। नतीजा यह रहा कि रेस्टोरेंट संचालक भी टीआइ को ज्यादा भाव नहीं दे रहा था। इधर, अधिकारी रेस्टोरेंट के खुले होने के कारण बार-बार प्वाइंट दे रहे थे। इस पर टीआइ ने गुस्से में आकर रेस्टोरेंट बंद करा दिया। इस पर सीएसपी नाराज हो गए। टीआइ ने उनकी परवाह किए बिना कार्रवाई को अंजाम दे दिया। इससे सीएसपी नाराज हो गए हैं और सबसे एक ही बात कह रहे टीआइ को लिखापढ़ी नहीं आती है।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags