भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

चिरायु अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर खड़ी युवती के हाथ से उसकी सात माह की बच्ची छिटक गई। बेटी को गिरता देखा मां ने भी छलांग लगा दी थी। मंगलवार दोपहर को हुई इस घटना में मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन सौभाग्य से उसकी मां पैरों के बल जमीन पर बने डक्ट पर गिरी। इससे आश्चर्यजनक ढंग से उसकी जान बच गई। इस हादसे में उसके दोनों पैर और एक हाथ टूट गया है।

एएसपी समीर वर्मा ने बताया कि 22 वर्षीय अखिलेश पत्नी महेश कुशवाहा खानू गांव में रहती है। वह मंगलवार दोपहर को अपनी सात माह की बच्ची दिव्यांशी का इलाज कराने चिरायु अस्पताल पहुंची थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह बच्ची को लेकर अस्पताल की पांचवी मंजिल पर पहुंच गई। कुछ देर बाद लोगों ने अस्पताल परिसर में कुछ गिरने की आवाज सुनी। लोगों ने देखा कि एक महिला बिल्िडग के पास बनी डक्ट पर गिरी है। इससे डक्ट पर बना सीमेंट का प्लेटफार्म टूट गया। उससे करीब चार फीट की दूरी पर मासूम पड़ी थी। वह दम तोड़ चुकी थी। घटना होते ही सनसनी फैल गई। महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया गया। ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों पैर टूट गए और एक हाथ भी टूट गया है। पुलिस ने उसके मृत्यु पूर्व बयान दर्ज करवा लिए हैं।

परचा बनने में देर हो रही थी, इसलिए छत पर चली गई थी

खजूरी सड़क थाना प्रभारी एसके अवस्थी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने बताया कि बच्ची की पसलियां चल रही थीं(श्वांस संबंधी समस्या)। इसलिए वह उसे इलाज के लिए लेकर आई थी। काउंटर पर भीड़ होने के कारण परचा बनने में समय लग रहा था। इसलिए वह बच्ची को लेकर छत पर पहुंच गई थी। लेकिन छत से अचानक बच्ची उसके हाथ से छिटककर गिर गई। उसे बचाने उसने भी छलांग लगा दी। अवस्थी के मुताबिक महिला के मृत्युपूर्व बयान भी करवाए गए हैं। उसमें भी उसने यही बात दोहराई है। महिला का पति केटरिंग का काम करता था। उसका कहना है,कि उसे पता नहीं था कि अखिलेश बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कैसे बच गई अखिलेश की जान

पांचवी मंजिल(करीब 50 फीट की ऊंचाई) से गिरने के बाद भी अखिलेश की जान बच जाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। इस मामले में एएसपी यादव का कहना है,कि वह सीधे डक्ट पर बने प्लेटफार्म पर पैरों के बल गिरी। इससे जर्क के कारण सीमेंट कांक्रीट से बना प्लेटफार्म तो टूट गया,लेकिन ऊपर से युवती के साथ आया फोर्स(बल) विभाजित हो गया। इससे महिला के पैर तो टूट गए,लेकिन रीढ़ की हड्डी में उतनी चोट नहीं लगी। इसके अतिरिक्त सिर में चोट नहीं लगने के कारण भी उसकी जान सुरक्षित बच गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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महिला के पति का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं थी। घटना में पांचवी मंजिल से गिरी बच्ची की मौत हो गई है, जबकि महिला के हाथ और पैर में प्रैक्चर हैं।

डॉ.अजय गोयनका

संचालक, चिरायु मेडिकल कॉलेज

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