भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि! नींद लेना हर किसी को पसंद है। हम सभी ये भी जानते हैं कि आठ घंटे की नींद लेना हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी जरूरी है, लेकिन कई बार ठीक से सो नहीं पाते और अगर सो भी जाएं तो सोने का तरीका कुछ ऐसा होता है कि हमारे स्वास्थ्य को पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इससे विपरीत अगर आप सही तरीके से नींद लेते हैं तो यह आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए और भी अच्छा फायेदमंद होता है। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह से सोने से क्या फायदा और नुकसान होता है।

कुछ लोग बिस्तर पर लेटते हैं सो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों को सोने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। बार-बार अपनी पोजिशन बदलनी पड़ती है। कई लोग पेट के बल तो कई लोग पीठ के बल सोते हैं, जबकि कई लोगों को करवट लेकर सोना पसंद होता है। अगर सोने की पोजिशन की बात करें तो यह कई तरह की होती हैं, जिनमें स्टमक पोजिशन, फ्रीफाल पोजिशन, बैक सपोर्ट पोजिशन आदि शामिल है. लेकिन, प्रमुख तौर पर लोग तीन तरह से होते हैं, जिनका हमने ऊपर जिक्र किया है।

पीठ के बल सोना - यह सोने की सबसे साधारण पोजिशिन है। इसमें आप पीठ के बल लेटते हैं और सीधे सोते हैं। वैसे पहले आपको बताते हैं कि हर स्लीपिंग पोजिशन के नुकसान और फायदे होते हैं, जो हर बीमारी के आधार पर भी निर्भर करता है। जैसे प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह पॉजिशन सबसे सही है। इसके अलावा इस तरह सोने से एसिड रिफलक्स की बीमारी दूर होती है और इससे नाक, कमर दर्द और कंधे के दर्द से निजात मिलती है।

पेट के बल सोना - पेट के बल सोना गलत माना जाता है। इससे कमर के दर्द और नसों से संबंधित दिक्कत होती है। साथ ही अगर आप पेट के बल सोते हैं तो उन्हें स्पाइन की दिक्कत भी हो सकती है और ब्लड फ्लो कम हो जाता है। लेकिन, जिन लोगों को खर्राटे की दिक्कत होती है, उनके लिए सबसे यह सही तरीका होता है। ऐसे लोग को खर्राटे में दिक्कत कम हो जाती है।

करवट लेकर सोना - करवट लेकर सोना अच्छा माना जाता है, लेकिन कुछ देर बार पोजिशन बदल लें तो ठीक रहता है. इससे स्पाइनल दिक्कत भी नहीं होती है और बैक, कंधे और गर्दन को मदद मिलती है। इसके अलावा जिन लोगों को खर्राटे की दिक्कत है, उनकी दिक्कत भी कम हो जाती है।

Posted By: Ravindra Soni

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