भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमण की मार से हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। रेलवे पर भी इसका असर पड़ा। तब भी भोपाल रेल मंडल ने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों में अच्छी उपलब्धियां हासिल कीं। भोपाल-बीना के बीच (बरखेड़ा-मंडीदीप रेलखंड को छोड़कर) तीसरी रेल लाइन, अशोकनगर से गुना के बीच रेल लाइनों का विद्युतीकरण और गुना से पीलीघटा तक दूसरी रेल लाइन के निर्माण को पूरा किया है। बीना के सोलर प्लांट में पैदा होने वाली बिजली से ट्रेनें दौड़ रही हैं। इन कामों के सार्थक नतीजे आने वाले समय में और दिखेंगे। अब भोपाल का रेल कारखाना उत्पादन यूनिट में बदल जाए, रेलवे की खाली जमीन का 100 फीसद उपयोग होने लगे और भोपाल के आसपास छोटे स्टेशन विकसित हो जाएं तो गति और बढ़ जाएगी। प्रदेश के युवाओं को रोजगार, छोटे-बड़े उद्योगों को काम और आम जनता को सुविधा मिलने लगेगी। मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति, जोनल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्यों, रेलवे के कांट्रेक्टरों और रेलवे मामलों के जानकारों का कहना है कि आगामी बजट में भोपाल रेल मंडल और पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर के लिए इन कामों को शामिल किया जाना चाहिए।

बैतूल-हरदा संसदीय क्षेत्रों के लिए प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टॉपेज मिले। आमला में रेलवे की 416 एकड़ जमीन पर उद्योग या रेलवे संस्थान खुले आदि मांगें रेलमंत्री के समक्ष रखी हैं। -डीडी उइके, सांसद बैतूल-हरदा

बाजार में बढ़े हुए दामों का लाभ रेलवे के उन्हीं कांट्रेक्टरों को मिलता है, जिनके पास पांच करोड़ से अधिक के टेंडर हैं। यह लाभ कम राशि के टेंडर वाले कांट्रेक्टरों को भी मिलना चाहिए। -अशोक आहूजा, अध्यक्ष रेलवे कांट्रेक्टर एसोसिएशन, भोपाल

निशातपुरा रेल कारखाने में पुराने कोचों को नए सिरे से बनाते हैं। इसे नई उत्पादन यूनिट में बदला जाना चाहिए। भोपाल समेत बड़े शहरों से सटे छोटे स्टेशनों का विकास हो, आगे सहूलियत होंगी। - निरंजन वाधवानी, सदस्य मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति

आउटसोर्सिंग व निजीकरण रेलवे के हित में नहीं है। बजट में इन व्यवस्थाओं को जगह न दें। रेलवे एक बड़ा और सालों पुराना संगठन है, खुद काम करें। भोपाल को और ट्रेनों की जरूरत है। इसे पूरा करें। -शरद कशरेकर, पूर्व सदस्य जोनल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति

एयरपोर्ट की तरह हबीबगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को ट्रेन तक खुद सामान ले जाने की अच्छी सुविधा मिले। हबीबगंज से पुणे समेत सभी प्रमुख शहरों के लिए नॉन स्टॉपेज ट्रेनें मिलनी चाहिए। -सीपी जायसवाल, पूर्व सदस्य जोनल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति

मप्र में रेलवे ने निर्माणाधीन भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन समेत इंफ्रास्ट्रक्चर में अच्छा निवेश किया है। उनको आगे बढ़ाने के लिए बजट में राशि मिलें, इसका प्रयास कर रहे हैं। -रोडमल नागर, सांसद राजगढ़

रेलवे भोपाल के आसपास मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, मिसरोद, संत हिरदाराम नगर, निशातपुरा और सूखीसेवनिया जैसे स्टेशन का विकास करें। भविष्य में इनकी जरूरत पड़ेगी। -विकास विरानी, पूर्व सदस्य मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति

निर्माण संबंधी काम करने के पहले माक्रो स्तर पर योजना बनाने व आम लोगों से राय लेने का प्रविधान हो। करोंद अंडरब्रिज में इन बातों का पालन करते तो आज परेशान नहीं होती। फंड मैनेजमेंट में सुधार हो। - विकास मेघानी, सचिव रेलवे कांट्रेक्टर एसोसिएशन, भोपाल

Posted By: Ravindra Soni

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