दीपक विश्वकर्मा, भोपाल, Oxygen Shortage in Bhopal:। कोरोना संक्रमण काल में अपनों को बहुत लोगों ने खोया है। आलम यह है कि हर दिन मौत का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अपनों की जिंदगी बचाने के लिए लोग खुद की जिंदगी के साथ भी खिलावाड़ करने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का रटा-रटाया जवाब है कि ऑक्सीजन नहीं है। अगर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर सकते हो, तो ही आपके मरीज को भर्ती करेंगे। लिहाजा, परिजनों को अपनी कार में सिलिंडर रखकर खुद ही दर-दर ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे कई लोग ऑक्सीजन प्लांट में मिले, जिन्हें अपने परिजनों की उखड़ती सांसों को राहत देने के लिए खुद ही ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

इधर, राजधानी में ऑक्सीजन संकट गहराया हुआ है। नवदुनिया ने इस पूरे मामले की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि राजधानी में तीन जगह से ऑक्सीजन सिलिंडर अस्पतालों को सप्लाई हो रहे हैं। पहला भारती एयर प्रोडक्ट, दूसरा आइनॉक्स और तीसरा भेल। गोविंदपुरा स्थित आइनॉक्स प्लांट में बुधवार को 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची थी, जबकि 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मंगवाई गई थी। इस 20 मीट्रिक टन में से अब एक भी शहर में नहीं बची है।

इधर, भारती एयर प्रोडक्ट मात्र 800 सिलिंडर प्रतिदिन ही सप्लाई करता है। वहीं, भेल द्वारा 600 सिलिंडर दिए जा रहे हैं। जबकि शहर में 90 अस्पताल हैं, जहां ऑक्सीजन की प्रतिदिन खपत बढ़ रही है। इसका नतीजा यह है अब फिर से हमें गुजरात, महाराष्ट्र या अन्य राज्यों का मुंह ऑक्सीजन के लिए ताकना पड़ेगा।

देखिए ऑक्सीजन उपलब्धता की तीन तस्वीरें

लाइव-1 भेल गेट नंबर छह- जहां से हो रही है ऑक्सीजन की आपूर्ति

प्लांट में आए आइके गुप्ता ने बताया कि न्यूरॉन अस्पाल में उन्होंने अपने परिजन को भर्ती करवाया है। इन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अगर आप ऑक्सीजन की व्यवस्था कर सकते है तो ही यहां भर्ती करें, अन्यथा कहीं और ले जाए। इसलिए हम यहां वहां घूमकर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए यहां आए है। इसी तरह होशंगाबाद से आई दीक्षा मालवीय ने बताया कि उनके ताउजी होशंगाबाद में भर्ती है। वहां अस्पताल संचालकों ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए कहा है अन्यथा कहीं और ले जाने के लिए कह दिया है। अब भोपाल में कहीं बेड उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्हें वहीं ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की जद्दोजहद की जा रही है।

लाइव-2 आइनॉक्स प्लांट, जहां से सप्लाई होती है लिक्विड ऑक्सीजन

इस प्लांट में सन्‍नाटा पसरा हुआ है क्‍योंकि जितनी लिक्विड ऑक्सीजन आई थी, वह मेडिकल उपयोग के लिए बुधवार को सप्लाई की जा चुकी है। मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका कारण सिर्फ यह है कि यहां ऑक्सीजन ही नहीं बची है।

लाइव-3 शहर का एकमात्र ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, लेकिन लग रही है लंबी भीड़

गोविंदपुरा इंडस्ट्रीयल क्षेत्र में ऑक्सीजन सप्लाई का एक मात्र ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट है, जिसके भरोसे पूरा भोपाल शहर है। यहां से हर दिन 800 सिलेंडर सप्लाई हो रहे हैं जो शहर के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। यहां छोटे-छोटे अस्पतालों के लोग सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। तब जाकर उन्हें ऑक्सीजन नसीब हो पा रही है। सुबह पांच बजे से ऑक्सीजन के लिए यहां लाइन लगती है, तब जाकर शाम तक ऑक्सीजन उपलब्ध हो पा रही है।

भेल प्रशासन ने ऑक्सीजन के संकट को देखते हुए खुद ही ऑक्सीजन अस्पतालों को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। यहां पर किफायती दरों पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं संकट के इस दौर में जितने हो सके उतने अस्पतालों तक ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

- ओपी सिंह, डीजीएम, भेल

ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए हम 24 घंटे प्लांट का संचालन कर रहे है। जिन्हें ज्यादा जरूरत है उन्हें पहले ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित न हो इसके लिए सारे प्रयास किए जा रहे है, लेकिन दिनों-दिनों डिमांड बढ़ते ही जा रही है।

- अजय गुप्ता, चैयरमैन, भारती एयर प्रॉडक्ट ऑक्सीजन प्लांट

Posted By: Ravindra Soni

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